मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार के सरकारी अस्पतालों में 11925 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसमें फार्मासिस्ट, एक्सर-रे व ईसीजी, टेक्नीशियन, प्रयोगशाला प्रौवधिक, शल्य कक्ष सहायक, ड्रेसर के पदों पर बहाली होगी। भर्ती प्रक्रिया के लिए बिहार तकनीकी सेवा आयोग को लेटर भेजा गया है।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए नौकरी और रोजगार को लेकर किए गए अपने वादे को हर हाल में पूरा करना चाहती है। शिक्षा और पुलिस विभाग में बहाली के बाद अब स्वास्थ्य विभाग में बड़ी बहाली करने जा रही है। इसके लिए कवायद तेज कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के मंत्री ने कहा कि 66 हजार पदों पर बहाली होगी। इनमें 38733 पदों पर नियमित नियुक्ति होगी और 27375 पदों पर मानदेय वाली भर्ती होगी। मेडिकल कॉलेजों में 1827 असिस्टेंट प्रोफसर बहाल करेगा। बिहार तकनीकी सेवा आयोग 3623 स्पेशलिस्ट डॉक्टर, 667 मेडिकल अफसर, 808 डेन्टिस्ट और आईजीआईजीसी पटना में असिस्टेंट डायरेक्टर के 18 पदों डॉक्टारों की बहाली करेगा।
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मंत्री ने कहा कि बिहार के सरकारी अस्पतालों में 11925 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसमें फार्मासिस्ट, एक्सर-रे व ईसीजी, टेक्नीशियन, प्रयोगशाला प्रौवधिक, शल्य कक्ष सहायक, ड्रेसर के पदों पर बहाली होगी। भर्ती प्रक्रिया के लिए बिहार तकनीकी सेवा आयोग को लेटर भेजा गया है। मंत्री ने कहा कि जल्दी ही भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 11925 पदों में से बिहार फार्मासिस्ट संवर्ग के 2 हजार 473 पद पर बहाली होगी। स्वास्थ्य विभाग ने बिहार तकनीकी सेवा आयोग को अधियाचना भेज दी है। जल्द ही बहाली प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा गया है। राज्य में स्वास्थ्य विभाग मानव बल की संख्या बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाएं उन्नत प्रदान करने की दिशा में लगातार प्रयत्नशील है।
मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार के बांका, अररिया, खगड़िया, नवादा, औरंगाबाद, जहानाबाद कैमूर में मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। गोपालगंज, मोतिहारी और सहरसा में मेडिकल कॉलेज निर्माण की कवायद तेज कर दी गई है। इससे बिहार के 31 जिलों में कुल 34 सरकारी मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे।
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235 आयुष फिजिशियनों की नियुक्ति की गई है
मंत्री ने कहा कि राज्य में आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए 2,666 आयुष चिकित्सकों और 235 आयुष फिजिशियनों की नियुक्ति की गई है। ये चिकित्सक राज्य के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में पदस्थापित किए गए हैं, जिससे आयुष चिकित्सा के माध्यम से बेहतर उपचार सेवाएं मिल सकेंगी। औषधि निरीक्षकों की नियुक्ति: राज्य में औषधियों के निर्माण, वितरण और बिक्री पर सुगम नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए 52 औषधि निरीक्षकों की नियुक्ति की गई है। यह कदम औषधि की गुणवत्ता और उपलब्धता पर निगरानी रखने के लिए उठाया गया है।
सीनियर रेजिडेंट पद पर नियुक्तिया
बिहार के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों में 664 सीनियर रेजिडेंट को तीन वर्षीय टेन्योर पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति राज्य में चिकित्सकीय विशेषज्ञता को बढ़ावा देने के लिए की गई है। पीजी/डिप्लोमा उत्तीर्ण चिकित्सकों की सेवा: राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों से पीजी/डिप्लोमा उत्तीर्ण लगभग 400 चिकित्सकों को राज्य के चिकित्सा संस्थानों में तीन वर्ष की अनिवार्य सेवा के लिए पदस्थापित किया गया है। इससे राज्य में चिकित्सक की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।