मुंगेर में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है। पिछले कई दिनों से फरार चल रहे अपराधी को पुलिस ने पकड़ लिया। हालांकि इस अपराधी को पकड़ने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अपराधी ने पुलिस टीम पर गोलीबारी भी की। जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाई। इस दौरान एक गोली अपराधी के पैर में लगी। वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और सदर अस्पताल में भर्ती करवाया। पुलिस अभिरक्षा में उसका इलाज चल रही है। अपरधी की पहचान धरहरा थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव निवासी नीतीश कुमार के रूप में हुई है।
इधर, मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद खुद ही इस मामले को देख रहे हैं। संबंधित थानाध्यक्ष को आगे की कार्रवाई का निर्देश दिया है। एसपी ने कहा कि पिछले कई दिनों से पुलिस नीतीश कुमार की तलाश कर रही थी। पुलिस जब उसे पकड़ने गई तो उसने गोलीबारी की। इसके बाद पुलिस की ओर से भी जवाबी कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। हालात सामान्य है।
पुलिस ने चंगुल से भाग निकला था नीतीश
दरअसल, मुंगेर पुलिस आठ जनवरी से नीतीश की तलाश कर रही थी। उसका पूरा परिवार घर बंद कर फरार हो गया था। इसी बीच गुरुवार की शाम उसे पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पटना पुलिस की टीम ने उसे धरहरा थाने को सुपुर्द कर दिया। लेकिन, गुरुवार रात नीतीश थाना से फरार हो गया। इसके बाद एसपी ने किसी भी तरह उसकी गिरफ्तारी कर निर्देश दिया। कई थानों की पुलिस रात भर नीतीश की तलाश में छापेमारी करती रही। शुक्रवार अहले सुबह पुलिस को सूचना मिली कि वह थाना क्षेत्र के मुरक्कटा स्थान (जसीडीह) में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची। पुलिस को अपनी ओर आता देख नीतीश ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी गोलियां चलाई। इसी दौरान एक गोली नीतीश के पैर में लगी। वह घायल हो गया।
सिगरेट लाने से मना करने पर बच्चे को मारी थी गोली
नीतीश कुमार पर आरोप है कि उसने सात फरवरी को आठ साल के मासूम बच्चे पर जानलेवा हमला कर दिया था। कारण बस इतना था कि बच्चे अंशु कुमार ने सिगरेट लाने से मना कर दिया था। इतनी से बात पर नीतीश ने अंशु के सिर में गोली मार दी थी। उसकी हालत गंभीर थी। गोली लगने से दायें आंख का कुछ हिस्सा बाहर निकल गया। इसके बाद अंशु के परिजनों ने न्याय की गुहाल लगाई। तब से ही पुलिस नीतीश की तलाश में छापेमारी कर रही थी।