चुनाव आयोग ने नगर पंचायत की चेयरमैन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें अध्यक्ष के पद से मुक्त कर दिया है। उन पर यह कार्रवाई टैक्स जमा नही करने और साक्ष्य छुपाने की वजह से की गई है। मामला सीवान जिले का हैं।
तथ्यों को छुपाने का है आरोप
इस संबंध में वार्ड सदस्यों का कहना है कि मैंरवा के नगर पंचायत की चेयरमैन किस्मती देवी चुनाव लड़ने के दौरान तथ्यों को छुपाते हुए अपने हल्कानामे में 12 दिसम्बर 2022 को चुनाव आयोग को बताया था कि उनका तीन मकान है, लेकिन एक मकान का ही होल्डिंग टैक्स जमा कर उन्होंने यह दर्शाया कि वार्ड संख्या 6 नगर पंचायत में गृह संख्या 46 है जिसका टैक्स जमा कर दिया गया है। बस क्या था इस पंचायत के वार्ड पार्षद दुर्गेश कुमार ने 12 अप्रैल 2023 को इसकी शिकायत चुनाव आयोग से कर दी। शिकायत की सूचना चेयरमैन किस्मती देवी को मिली, तब उन्होंने बकाया टैक्स भी जमा करवा दिया। लेकिन यह बात जांच में प्रमाणित हो गया, जिसमें वह दोषी पायी गई। अब इस मामले पर चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य पार्षद को पद से मुक्त कर दिया।
दोनो पक्ष के वकीलों की दलील सुनने के बाद आया फैसला
सीवान जिले के मैरवा नगर पंचायत के मुख्य पार्षद किस्मती देवी पर वार्ड नंबर 3 के वार्ड पार्षद दुर्गेश कुमार ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी। शिकायत में यह बात कही गई थी कि मुख्य पार्षद किस्मती देवी और उनके पति का मैरवा में तीन मकान है। उन्होंने एक होल्डिंग टैक्स जमा कर दूसरे दिन ही नामांकन कर दिया, जबकि नामांकन के पहले वित्तीय वर्ष तक सभी बकाया होल्डिंग टैक्स अदा करने का बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 की धारा 18 के तहत जरूरी होता है। जांच के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी अपनी दलीलें रखी। दुर्गेश कुमार के वकील संजय कुमार ने आयोग के सामने अपना पक्ष रखा। वहीं दूसरे पक्ष के वकील अवनीश कुमार एवं एसबीसी के मंगलम ने अपना पक्ष रखा, जिसके बाद सत्यापन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन का पक्ष रखने के लिए पंचायत राज पदधिकारी शैलेश चौधरी को प्राधिकृत किया गया था। इसमें दोषी पाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने चेयरमैन को पद मुक्त कर दिया। शिकायतकर्ता दुर्गेश का कहना है कि वह कभी भी बैठकें नही बुलाती थीं, और भी बहुत घोटाला हुआ है, जिसका जल्द ही पर्दाफाश करूंगा।