Bihar : शिक्षा मंत्री के आदेश पर अब जिला शिक्षा पदाधिकारी पर विभागीय कार्रवाई होगी। डीईओ की मनमानी के खिलाफ विधायक ने विधानसभा में सवाल पूछा था, जिसके बाद शिक्षा मंत्री से कार्रवाई करने की बात कही।
शेखपुरा में अधिकारी बेलगाम हो गए है और वह आम जनता की बात तो दूर विधायक की भी बातों का अवहेलना करते है तथा मनमाने तरीके से नियम कायदों को ताक पर रखकर काम करते है। इस बार शिक्षा विभाग के डीईओ का मामला फंस गया है। डीईओ विनोद कुमार शर्मा के मनमानी के खिलाफ शेखपुरा विधायक विजय सम्राट ने विधानसभा में सवाल पूछकर मंत्री से कार्रवाई की बात कही। विभागीय मंत्री ने मामले की जांच कराकर आरोप को सत्य पाया और डीईओ पर विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया है। इस आशय का विभाग द्वारा विधानसभा से प्रश्न का जबाब निर्गत किया गया है।
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नियम के विरुद्ध कर्मियों की सेवा अवधि विस्तार करने पर डीइओ पर कार्रवाई शुरू
शेखपुरा में पदस्थ जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) विनोद कुमार शर्मा इस बार बिहार विधानसभा में घिर गए हैं। उन पर नियम के विरुद्ध कर्मियों की सेवा अवधि विस्तार करने का आरोप है। इसके लिए डीइओ पर विभागीय कार्यवाही शुरू हो गई है। यह मामला विधानसभा के बजट सत्र में शेखपुरा विधायक विजय सम्राट ने उठाकर उनकी मुश्किलें बढ़ा दी है। विधायक विजय सम्राट ने सदन में मामला उठाते हुए कहा कि शेखपुरा के डीईओ ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए वाहय एजेंसी से बहाल सहायक प्रबंधक तकनीकी (एएमटी) व कनीय प्रबंधक तकनीकी (जेएमटी) का अवधि विस्तार किया है जो नियम के विरुद्ध है। उन्होंने डीईओ द्वारा सहायक प्रबंधक तकनीकी व कनीय प्रबंधक तकनीकी के की गई अवधि विस्तार पर सदन में सवाल उठाते हुए सरकार से जबाब मांगा हैं। विधायक विजय सम्राट ने मामला उठाते हुए कहा कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के ज्ञापांक 3425 के दिनांक 18/12/2024 को नियम के विरुद्ध बाहृय एजेंसी से कार्यरत सहायक प्रबंधक तकनीकी व कनीय प्रबंधक तकनीकी का अबधि विस्तार की गई है, जबकि अवधि विस्तार करने का अधिकार सिर्फ राज्य परियोजना निदेशक पटना को है। उन्होंने कहा कि डीईओ द्वारा अवैध रूप से किए गए अवधि विस्तार को सरकार के सुशासन के दावों का पोल खोल रही है।
विभाग ने मांगा था स्पष्टीकरण, नही दिया संतोषजनक जबाब
उक्त आरोप के विरुद्ध बिहार सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए स्पष्टीकरण पूछा गया था। जहां जिला शिक्षा पदाधिकारी ने एक मार्च को अपने पत्रांक 551 से स्पष्टीकरण दिया था। लेकिन प्रेषित स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के कार्यालय के पत्रांक 1149 दिनांक 10 मार्च 2025 द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी शेखपुरा के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा गई है।