फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: डॉक्टर का नग्न वीडियो वायरल, मेडिकल की छात्रा की संदिग्ध मौत में भी आया था नाम; अब हो रही कार्रवाई

Sat, 15 Feb 2025 10:46 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर

सार

viral video: कभी शराब के नशे में झूमने तो कभी सहयोगी डॉक्टरों से उलझने के कारण बदनाम हुए थे। मेडिकल छात्रा की संदिग्ध मौत में भी उनका नाम शामिल हुआ था। अब अपनी नग्न वीडियो वायरल होने की वजह से चर्चित हैं, अनुमंडलीय अस्पताल के पूर्व प्रभारी उपाधीक्षक।
विज्ञापन
डॉ आनंद मोहन - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भागलपुर में एक डॉक्टर का  नग्न वीडियो वायरल हुआ है, जिसकी अभी खूब चर्चा हो रही है। वह डॉक्टर कहलगांव के अनुमंडलीय अस्पताल का पूर्व प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. आनंद मोहन है। वायरल वीडियो में डॉ. आनंद मोहन ड्यूटी रूम में बिना कपड़ों के नजर आ रहे हैं। अब स्वस्थ्य विभाग के अधिकारी के द्वारा उस डॉक्टर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। वीडियो के वायरल होने के बाद सिविल सर्जन ने मामले की जांच कराई और सत्यता की पुष्टि होने पर डॉ. आनंद मोहन को तत्काल अनुमंडल अस्पताल से स्थानांतरित कर दिया। अब उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, इस्माइलपुर में प्रतिनियुक्त किया गया है।

विज्ञापन


प्रशासनिक कार्रवाई और अनुशासनात्मक जांच जारी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, डॉ. आनंद मोहन का यह आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार संहिता के खिलाफ है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से उन्हें तत्काल हटाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, अनुशासनात्मक कार्रवाई और विभागीय जांच की अनुशंसा स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी। सिविल सर्जन द्वारा जारी पत्र में अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. पवन कुमार गुप्ता को निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल प्रभाव से डॉ. आनंद मोहन को कहलगांव अस्पताल से विरमित करे, ताकि वे नये जगह पर पर योगदान कर सकें।

पहले भी शराब के नशे में थिरकते वीडियो हुआ था वायरल
इससे पहले भी उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें डॉ. आनंद मोहन कथित रूप से नशे की हालत में दिख रहे थे और कुछ लोगों के साथ डांस कर रहे थे। इससे पहले भी उन पर शराब के नशे में ड्यूटी करने और अपने अधीनस्थ कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लग चुका है। पिछले साल इशाकचक पुलिस ने उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार भी किया था। इतना ही नहीं, अनुमंडल अस्पताल के पास स्थित नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर की एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में भी उनका नाम एफआईआर में शामिल था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें