महिला के वकील और डाक विभाग का भवन।
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मुजफ्फरपुर के उपभोक्ता आयोग ने डाक विभाग से सम्बंधित एक मामले में डाक विभाग के डायरेक्टर जनरल, सीपीएमजी, पीएमजी, प्रवर डाक अधीक्षक, पोस्टमास्टर सिलौत एवं आयकर अधिकारी टीडीएस को तलब किया है। आयोग ने सभी अधिकारियों को 29 अगस्त को आयोग के समक्ष उपस्थित होने का आदेश जारी किया है।
डाक विभाग ने पांच सालों से 43630 रुपया दबा रखा है
मामला मनियारी थाना क्षेत्र के सिलौत बासुदेव गांव का है। बासुदेव गांव निवासी मंजू देवी का कहना है कि उन्होंने अपने गांव के पोस्टऑफिस में 15 लाख रुपया फिक्स किया था। उनका आरोप है कि 2019 से लेकर मार्च 2024 तक उन्हें डाक विभाग की तरफ से ब्याज के रूप में 43630 रुपया मिलना चाहिए जो उन्हें नहीं मिला। मंजू देवी का आरोप है कि वह इसके लिए लगभग पांच वर्षों से परेशान हैं। इसकी सूचना उन्होंने कई बार विभाग को दी, लेकिन विभाग ने इस मामले में कुछ नहीं किया। मंजू देवी एक बुजुर्ग और बीमार महिला हैं, इसके बावजूद वह कार्यालयों का चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उनकी किसी ने एक नहीं सुनी। अंत में थक-हारकर महिला ने उपभोक्ता आयोग में गुहार लगाया।
मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
उपभोक्ता आयोग के अधिवक्ता एस.के.झा ने 11 मई 2024 को जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष परिवाद पत्र दायर किया। परिवाद दायर होने के बाद आयोग ने इस पूरे मामले की सुनवाई की और इस मामले पर संज्ञान लिया। आयोग ने डाक विभाग के डायरेक्टर जनरल, सीपीएमजी, पीएमजी, प्रवर डाक अधीक्षक, पोस्टमास्टर सिलौत एवं आयकर अधिकारी टीडीएस को तलब किया है। आयोग ने सभी अधिकारियों को 29 अगस्त को आयोग के समक्ष उपस्थित होने का आदेश जारी किया है। अब 29 अगस्त को सभी विरोधी पक्षकारों को आयोग में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। इस संबंध में परिवादी के अधिवक्ता एस.के.झा का कहना है कि यह पूरा मामला डाक विभाग की लापरवाही को स्पष्ट करता है तथा डाक विभाग और आयकर विभाग की यह ढुलमुल व्यवस्था है।