फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंख के इलाज में गई जान: आयुष्मान कार्ड देख फ्री कैंप में बताया ऑपरेशन, अब एंबुलेंस से शव पहुंचाकर भागे सारे

Thu, 01 Feb 2024 05:52 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा

सार

क्लीनिक के कर्मी अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। परिजनों ने डॉक्टर पर  लापरवाही का आरोप लगाया है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
मृतक व्यक्ति के परिजन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नालंदा जिले में एक बुजुर्ग की संदिग्ध हालत में गुरुवार को मौत हो गई। मामला हिलसा थाना क्षेत्र का है। मृतक की पहचान नूरसराय थाना क्षेत्र के वालचंद बीघा गांव निवासी स्वर्गीय गुलाब चौहान के (55) वर्षीय पुत्र सुखदेव चौहान के रूप में किया गया है।

विज्ञापन


घटना के संबंध में सुखदेव चौहान के पुत्र अरविंद ने बताया कि उनके पिता को मोतियाबिंद का प्रॉब्लम था। दृष्टि आई क्लीनिक हिलसा के डॉक्टर के द्वारा उनके गांव में फ्री आई चेकअप कैंप लगाया गया था। उनके पिता को 30 जनवरी को दृष्टि आई क्लीनिक के कर्मी अपने साथ लेकर हिलसा चले गए। 

बेटे ने बताया कि 31 जनवरी को क्लीनिक के एक कर्मी से बात हुई तो उसने बताया कि कागजात का क्लीयरेंस अभी नहीं हुआ है। इसलिए मोतियाबिंद का ऑपरेशन नहीं हो सका है। इसके बाद जब उन्होंने पिता से बात करने को कहा तो उनके पिता ने बताया कि अस्पताल के कर्मी तीन हजार रुपये की डिमांड कर रहे हैं, वह पैसे लेकर नहीं आए हैं, कहां से देंगे।
विज्ञापन


डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
परिजन डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि सुखदेव चौहान बिल्कुल स्वस्थ थे और सिर्फ उनके आंख में ही समस्या थी। डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ही बुजुर्ग की मौत हुई है। वहीं, इस घटना के बाद बुजुर्ग के शव को लाकर घर पर एंबुलेंस कर्मी छोड़ गए। फिलहाल, अस्पताल के डॉक्टर और कर्मी फरार हैं।

फ्री इलाज के नाम पर ले गया था
परिजनों ने आरोप लगाया कि फ्री इलाज के नाम पर आयुष्मान कार्ड धारक को ले जाया गया था। कैंप आयोजित करने वाले कर्मियों ने पहले सभी का आधार जांच किया और जिनका आयुष्मान कार्ड बना हुआ था, उन्हें ही हिलसा ले जाया गया। नगर थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। आवेदन मिलने पर संबंधित थाने को फॉरवर्ड कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें