किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड में 9 जुलाई को होने वाले पंचायत उपचुनाव में प्रशासन ने एक मृत शिक्षक, जहांगीर आलम, को मतदान अधिकारी नियुक्त कर दिया। आलम की मृत्यु पिछले साल कैंसर से हो चुकी थी।
किशनगंज जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां पंचायत उपचुनाव के लिए एक ऐसे शिक्षक को मतदान ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया, जिनकी मृत्यु पिछले साल कैंसर से हो चुकी है। मामला टेढ़ागाछ प्रखंड का है, जहां 9 जुलाई को होने वाले पंचायत उपचुनाव में ठाकुरगंज बैरागीझाड़ के पूर्व प्रधान शिक्षक जहांगीर आलम को मतदान पदाधिकारी प्रथम के रूप में नियुक्त कर दिया गया। इस घटना से जिला प्रशासन के पुराने सॉफ़्टवेयर सिस्टम और कर्मचारियों की अद्यतन जानकारी के अभाव की गंभीर खामियां उजागर हुई हैं।
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डीईओ ने दी सफाई
जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) नासिर अहमद ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह गलती लोकसभा चुनाव के पुराने डाटा के कारण हुई है, जो अब भी इलेक्शन कमीशन के पास उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि जहांगीर आलम के स्थान पर किसी अन्य अधिकारी की तैनाती की जा रही है।
स्थानीय शिक्षकों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि कर्मचारियों की सूची का नियमित रूप से अपडेट नहीं किया जाता और अतिरिक्त ड्यूटी से बचने के लिए दिए गए आवेदनों पर भी ध्यान नहीं दिया जाता। शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जाता है, जिससे उनके शिक्षण कार्य पर असर पड़ता है। कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि जिले में अतिरिक्त ड्यूटी के नाम पर कुछ लोग अनुचित लाभ उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सिस्टम में सुधार की मांग की है। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।