इकलौते बेटे आशुतोष की मौत के बाद टूटी हुई मां अब प्राथमिकी दर्ज कराने पहुंचीं थाने।
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पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने की खबरों की शृंखला बिहार के रहने वाले अतुल सुभाष कांड से हुई थी। अब इस बार बिहार से ऐसी ही खबर सामने आयी है। यहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स के जवान आशुतोष कुमार मिश्रा की आत्महत्या के मामले में इसी तरह की बात सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी बिहार प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के हाउस गार्ड के रूप में सेवा दे रहे सीआरपीएफ के जवान आशुतोष कुमार मिश्रा ने विधान पार्षद आवास में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मंगलवार को पटना में हुई उस घटना के बाद अब उनकी मां सामने आई हैं और सचिवालय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि आशुतोष की पत्नी और सास उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक करती थीं और आत्महत्या के लिए उकसाती थीं। दोनों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
70 साल की मां ने इकलौते बेटे के खोने का दु:ख बताया
सचिवालय थाना क्षेत्र में ही विधान पार्षद आवास में मंगलवार को आत्महत्या की यह खबर सामने आयी थी। अब 70 साल की बुजुर्ग प्रमिला देवी ने सचिवालय थाने आकर अपना दु:ख बताया। उन्होंने कहा कि उनका इकलौता बेटा आशुतोष शादी के कुछ समय बाद से ही मानसिक प्रताड़ना झेल रहा था।
गया के टिकारी निवासी प्रमिला देवी ने प्राथमिकी में लिखा है कि "मेरे बेटे के पैसों और उसकी मौत पर मिलने वाली अनुकंपा नौकरी के लिए पत्नी सोनी कुमारी पाठक (मानगो, जमशेदपुर) और सास सरोज देवी (पति- हरिद्वार पाठक) उसे बार-बार आत्महत्या के लिए उकसाती थीं। वह उसे इतना तंग करती थीं कि
आशुतोष जिंदगी से तंग आ गया था। खुलकर बात तक नहीं करता था। पत्नी और सास उससे अपराधियों जैसा सलूक करते हुए प्रताड़ित करती थी। अब विधान पार्षद आवास में आशुतोष की मौत होने के बाद हमारा सहारा छिन गया और उन दोनों की मुराद पूरी हो गई। मुझे न्याय चाहिए। उन दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।"