तीन साल की बच्ची सारा कुकृत्य देख रही थी, लेकिन उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा। हां, उसे अंदाजा लग रहा था कि कुछ गलत तो हो ही रहा है। सो, उसने बड़े भाई को झकझो़र कर जगाया। सात साल के भाई ने जो देखा-समझा, उससे उसके जीवन का आनंद सदा के लिए जैसे खत्म हो गया। लोग सड़क पर आंखों देखे हादसे को नहीं भूल पाते हैं, लेकिन सात साल के इस बच्चे ने तो अपने पिता की ऐसी करतूत देख ली जो वह इस जन्म नहीं भूल पाएगा। उसके सामने मां का गला कटा पड़ा था। पिता और दादी हत्याकांड को अंजाम देकर भागने की कोशिश में थे। दो और युवक साथ थे।
जब तक पड़ोसी जुटे, तबतक सारे फरार
मधेपुरा सदर थाना क्षेत्र के भर्राही ओपी अंतर्गत तुरकाही गांव में मंगलवार की रात पति के सहयोग से ससुराल वालों ने विवाहिता हीरा देवी की गला काट कर हत्या कर दी। जिस वक्त इस जघन्य घटना को अंजाम दिया जा रहा था, महिला का 7 साल का बेटा और 3 साल की बेटी भी जाग गई थी। बच्चों ने रोते हुए पड़ोसियों को बताया, तब तक सारे आरोपी फरार हो गए। पड़ोसियों ने ही महिला के मायके वालों को मर्डर की सूचना दी।
मधेपुरा में महिला की हत्या के बाद घर पर जुटे मायके वाले।
- फोटो : अमर उजाला
सात साल के बेटे ने बताई सारी कहानी
हीरा के 7 वर्षीय बेटे ने बताया कि "तीन साल की बहन ने जगाया। जब वह जागा तो देखा कि मां का गला काट कर गिरा दिया गया है। दादी रूकिया देवी, पिता उमाशंकर यादव के अलावा सूरज यादव, रौशन यादव भागने की तैयारी में हैं। हम दोनों मां की तरफ देखने लगे तो वह चारों भाग गए।" बच्चे ने ही बताया कि दादी से रात में मां का झगड़ा हुआ था।
मृत महिला की मां ने बताई वजह
हीरा देवी की मां राजिया देवी ने बताया कि उनकी बेटी के साथ ससुराल में बराबर मारपीट की जाती थी। शादी के दो-तीन साल के बाद से वह मायके में ही रह रही थी। करीब तीन महीना पहले ससुराल आई थी। कुछ दिन पहले रौशन यादव ने उसके साथ मारपीट की थी। आज सभी ने मिलकर उसकी हत्या कर दी और सभी फरार हो गए। हीरा की सास रूकिया अपने बेटे की दूसरी शादी करवाना चाहती थी। उमाशंकर भी यही चाहता था। इसलिए किसी न किसी बात पर उमाशंकर अपनी पत्नी के साथ हमेशा मारपीट करता था।
हत्यारोपी पति घर में जुटते थे नशेड़ी, यहीं नशा कर महिला की होती थी पिटाई। मौत के बाद जुटी भीड़।
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ग्रामीणों में भी बताई आंखों देखी हकीकत
हीरा को मारपीट से बचाने को लेकर कई बार ग्रामीण स्तर पर पंचायती भी की गई, लेकिन उमाशंकर पंचों की बात भी नहीं मानता था। ग्रामीणों ने बताया कि उमाशंकर को नशे की लत थी और उसके दरवाजे पर अपराधी प्रवृत्ति के कुछ लड़के साथ बैठकर नशा किया करते थे। नशे में मारपीट के कारण ही हीरा ज्यादातर समय मायके में रहती थी। सदर एसडीपीओ अजय नारायण यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। परिजनों के आवेदन पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपियों की तलाश में है।