पूर्व विधायक अनंत सिंह ने आरोप लगाया था कि सोनू-मोनू गैंग की तरफ से गोलीबारी की गई थी, जबकि सोनू-मोनू की तरफ ने इस आरोप को खारिज करते हुए गोली-बारी करने का आरोप पूर्व विधायक अनंत सिंह पर लगाया था।
मोकामा के पूर्व विधायक और बाहुबली अनंत सिंह की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया है। पटना के सेशन कोर्ट ने अनंत सिंह की जमानत याचिका को लेकर सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना। अनंत सिंह के पक्ष के वकील ने कहा कि जब किसी ने अनंत सिंह को गोली चलाते नहीं देखा तो फिर उन्हें जमानत देने में क्या दिक्कत है। वहीं दूसरी तरफ से यह कहा गया कि चूंकि अभी इस मामले का अनुसंधान किया जा रहा है, ऐसे में इनका जेल से बाहर आना अनुसंधान को प्रभावित कर सकता है। इसलिए फिलहाल अनंत सिंह को जमानत न दी जाय। कोर्ट ने दोनों पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद उनकी याचिका खारिज कर दी।
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इससे पहले भी छह फरवरी को एमपी-एमएलए कोर्ट में अनंत सिंह के केस की सुनवाई हुई थी। लेकिन, उस दिन भी कोर्ट ने अनंत सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। अनंत सिंह पर 23 जनवरी को आर्म्स एक्ट, हत्या का प्रयास समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट के आदेश के बाद अनंत सिंह को जेल भेज दिया गया था। सूत्र बता रहे हैं कि जल्द ही पूर्व विधायक अनंत सिंह अब जमानत के लिए पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। लेकिन, तब तक उन्हें जेल में रहना पड़ेगा।
इस वजह से करना पड़ा था आत्म समर्पण
22 जनवरी को मोकामा प्रखंड अंतर्गत नौरंगा- जलालपुर गांव में गोली-बारी की घटना हुई थी। पूर्व विधायक अनंत सिंह ने आरोप लगाया था कि सोनू-मोनू गैंग की तरफ से गोलीबारी की गई थी, जबकि सोनू-मोनू की तरफ ने इस आरोप को खारिज करते हुए गोली-बारी करने का आरोप पूर्व विधायक अनंत सिंह पर लगाया था। पुलिस ने भी फायरिंग होने की बात की पुष्टि करते हुए घटनास्थल से खोखा बरामद होने की बात कही थी। इस मामले पर राजनीतिक रंग भी चढ़ने लगा था, लिहाजा बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह ने खुद को आत्म समर्पण कर दिया था। तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं।