संवाद कक्ष में मंत्री रेणु देवी के साथ अधिकारी।
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कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा भी उपलब्ध
इस अवसर पर पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की प्रधान सचिव, डॉ. विजयलक्ष्मी ने बताया कि मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई जीपीएस सुविधा युक्त एक सुसज्जित वाहन है जिसमें पशु रोगों की पहचान, पशु चिकित्सा एवं लघु सर्जरी, ऑडियो-विजुअल प्रचार के लिए आवश्यक उपकरण के साथ पशुओं की चिकित्सा के लिए आवश्यक दवा के साथ कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई में एक पशु चिकित्सक, एक पशु चिकित्सा सहायक एवं एक चालक सह- परिचारी की व्यवस्था की गयी है। मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई का परिचालन प्रत्येक कार्य दिवस में सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक किया जायेगा। पशुपालकों की सुविधा हेतु एक कॉल सेंटर की स्थापना राज्य मुख्यालय स्तर पर पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना के परिसर में की गयी है। पशुपालक अपने मोबाइल पर उक्त एप को डाउनलोड कर पशु चिकित्सा सेवाओं हेतु सम्पर्क कर सकते हैं। राज्य के पशुपालक प्रत्येक कार्य दिवस मेंसुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक की अवधि में कॉल सेन्टर के टॉल फ्री नम्बर 1962 पर दूरभाष के माध्यम से कॉल कर अथवा मोबाइल एप के माध्यम से कॉल सेन्टर में पशु चिकित्सा हेतु सम्पर्क कर सकते हैं। मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई के माध्यम से पशुपालकों के द्वार पर पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। कॉल सेन्टर में टेलिमेडिसीन की भी व्यवस्था है।