हिंदी सेवी सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह में 29 साहित्यकारों को किया सम्मानित।
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CM बोले- हिन्दी के शब्दों को अंग्रेजी में लिखने की जरूरत नही है
CM नीतीश कुमार ने कहा कि हिन्दी काफी अच्छी भाषा है। इस देश की अधिकांश आबादी आपसी बोलचाल में इसी भाषा का इस्तेमाल करती है। आप सभी से आग्रह है कि इस भाषा को कायम रखते हुए इसे विकसित एवं विस्तारित करने पर विशेष बल दें। आज कल यह देखने को मिल रहा है कि हिन्दी के शब्दों को भी लोग अंग्रेजी में लिखने लगे हैं, इससे बचने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अग्रेंजी भी अच्छी भाषा है और सबको जाननी भी चाहिए लेकिन हिन्दी के शब्दों को हिन्दी में ही लिखनी चाहिए। आप सभी लोगों को यही सलाह दें। हिन्दी के शब्दों को अंग्रेजी में लिखने की जरूरत नही है। उन्होंने कहा कि हम जब सांसद और केन्द्रीय मंत्री थे तो कोई भी कानून बनता था तो वह हिन्दी के अलावा अंग्रेजी भाषा में भी लिखा रहता था । हम तो कहेंगे कि हिन्दी में ही आपलोग सब कुछ नोट कराएं। बिहार में सात निश्चय योजना के तहत सभी बच्चे-बच्चियों को प्रशिक्षित कराया जा रहा है ताकि उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान हो सके। बच्चे-बच्चियों को प्रदान किये जा रहे प्रशिक्षण में हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा भी सिखाया जा रहा है ताकि वह अपनी बातें कह सकें और दूसरे की बातों को भी अंग्रेजी में भी समझ सके। हम पुनः आपलोगों से आग्रह करेंगे कि हिन्दी भाषा को विकसित करने पर विशेष ध्यान दें और हिन्दी सेवी सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह में पुरस्कृत होनेवाले लोगों की संख्या बढ़ाकर उन्हें पुरस्कृत करें। इस काम में राज्य सरकार हरसंभव सहयोग करेगी।
बिहार सरकार ने 29 साहित्यकारों को सम्मानित किया।
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मृणाल पाण्डे को जननायक कर्पूरी ठाकुर पुरस्कार
मंत्रिमंडल सचिवालय (राजभाषा) विभाग द्वारा 1 अणे मार्ग स्थित 'लोक संवाद में आयोजित इस पुरस्कार वितरण समारोह में CM नीतीश कुमार ने वर्ष 2020-21 के अंतर्गत हिन्दी सेवी सम्मान एवं पुरस्कार योजना के अधीन डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शिखर सम्मान, डॉ. अशोक कुमार को बाबासाहेब भीमराव अम्बेदकर पुरस्कार, मृणाल पाण्डे को जननायक कर्पूरी ठाकुर पुरस्कार, डॉ. सुशीला टाकभौरे को बी.पी. मंडल पुरस्कार, कविवर सत्यनारायण को नागार्जुन पुरस्कार, रामश्रेष्ठ दीवाना को राष्ट्रकवि दिनकर पुरस्कार, जाबिर हुसैन को फणीश्वरनाथ रेणु पुरस्कार, डॉ. पूनम सिंह को महादेवी वर्मा पुरस्कार, डॉ. के० वनजा को बाबू गंगाशरण सिंह पुरस्कार, दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा (हैदराबाद, तेलंगाना) को विधाकर कवि पुरस्कार, गीता श्री को विद्यापति पुरस्कार, डॉ. राकेश कुमार सिन्हा रवि को मोहनलाल महतो 'वियोगी' पुरस्कार, भगवती प्रसाद द्विवेदी को भिखारी ठाकुर पुरस्कार, डॉ. छाया सिन्हा को डॉ. ग्रियर्सन पुरस्कार एवं अनंत विजय को डॉ. फादर कामिल बुल्के पुरस्कार से सम्मानित किया। वहीं इस पुरस्कार वितरण समारोह में वर्ष 2021-22 के अंतर्गत हिन्दी सेवी सम्मान एवं पुरस्कार योजना के अधीन CM नीतीश कुमार ने मधुसुदन आनंद को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शिखर सम्मान, बलराम को बाबासाहेब भीमराव अम्बेदकर पुरस्कार, डॉ. चंद्र त्रिखा को जननायक कर्पूरी ठाकुर पुरस्कार, डॉ. इरशाद कामिल को बीपी मंडल पुरस्कार, भोला पंडित 'प्रणयी' को नागार्जुन पुरस्कार, अनिरुद्ध सिन्हा को राष्ट्रकवि दिनकर पुरस्कार, डॉ. शहनाज फातमी को फणीश्वरनाथ 'रेणु' पुरस्कार, डॉ. भावना को महादेवी वर्मा पुरस्कार, डॉ. गुरमीत सिंह को बाबू गंगाशरण सिंह पुरस्कार, असम राष्ट्रभाषा प्रचार समिति को विधाकर कवि पुरस्कार, कविता प्रयागराज को विद्यापति पुरस्कार, महेंद्र नारायण पंकज को मोहनलाल महतो 'वियोगी' पुरस्कार, डॉ. आशीष कंधवे को डॉ. ग्रियर्सन पुरस्कार एवं विभा रानी को डॉ. फादर कामिल बुल्के पुरस्कार से सम्मानित किया ।