महावीर मंदिर न्यास के सचिव व पूर्व आईपीएस आचार्य किशोर कुणाल के निधन की खबर से पटना ही नहीं बिहार में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है। सभी क स्वर में कहा कि आचार्य के निधन से समाज ही नहीं पूरे बिहार को अपूरणीय क्षति हुई है।
सीएम नीतीश कुमार ने पूर्व आईपीएस अधिकारी, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के पूर्व अध्यक्ष और महवीर मंदिर न्यास समिति के संस्थापक सचिव आचार्य किशोर कुणाल एक समाजसेवी, कुशल प्रशासक और संवदेनशील पदाधिकारी थे। वह विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों से भी जुड़े रहे। उन्होंने महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव के पद पर रहते हुए विभिन्न सामाजिक और धार्मिक कार्य को अंजाम दिया। उन्होंने बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष पद पर रहते हुए अपने कार्यों को सफलतापूर्वक संपादित किया। उनके निधन से प्रशासनिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर उनके परिवार को इस दुख की धड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करे।
गृज मंत्री अमित शाह ने कहा कि महावीर मंदिर न्यास के सचिव व पूर्व आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल जी का निधन दुःखद है। सेवा, संस्कृति व सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पित किशोर कुणाल जी ने शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए। दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।
उपमुख्यमंत्री बोले- समाज के लिए अपूरणीय क्षति
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आचार्य किशोर कुणाल जी का जीवन समाज सेवा, धार्मिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए समर्पित था। उन्होंने महावीर मंदिर को एक राष्ट्रीय पहचान दिलाई और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए अभूतपूर्व कार्य किए। उनके योगदान को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति और उनके परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
विधानसभा अध्यक्ष बोले- धार्मिक दृष्टिकोण से अपूरणीय क्षति
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष नन्द किशोर यादव ने महावीर मंदिर (पटना) न्यास समिति के सचिव व पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल जी के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि आचार्य कुणाल ने वर्ष 1972 में गुजरात कैडर में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी के रूप में अपनी सेवा दी। वर्ष 2001 में सेवानिवृत्त होने के बाद किशोर कुणाल दरभंगा स्थित संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति बने। किशोर कुणाल अभी जिस महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव थे, वह समिति कई स्कूलों और कैंसर अस्पतालों का संचालन भी करती है। उनका निधन प्रशासनिक, सामाजिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण से एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति और शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करे ।
स्वस्थ्य मंत्री बोले- राज्य एवं देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है
महावीर मंदिर और राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल का निधन राज्य एवं देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। उनके निधन से पूरी तरह स्तब्ध हूं। देश ने एक महान विभूति को खो दिया जो सामाजिक मूल्यों और कर्तव्यों के प्रति सजग रहने वाले एक ऐसे योद्धा थे जिसने कभी हार नहीं मानी। मैं उनके किए कार्यों को नमन करता हूं और उनके परिवार के प्रति सच्ची श्रद्धा व्यक्त करता हूं। हुए इस दुख की घड़ी में ईश्वर उनके परिजनों को पीड़ा सहने की असीम शक्ति प्रदान करे यही कामना करता हूं।
पूर्व सांसद आरके सिन्हा बोले- यह हृदय को झकझोर देने वाला समाचार
भाजपा के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व सांसद राज्यसभा आरके सिन्हा और भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने आचार्य किशोर के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। आरके सिन्हा ने बताया कि आज सुबह एक अत्यंत दुखद समाचार मिला। हमारे परम मित्र, भ्राता तुल्य, और आध्यात्मिक सखा, भाई आचारे किशोर कुणाल जी अब हमारे बीच नहीं रहे। यह हृदय को झकझोर देने वाला समाचार है।आचारे किशोर कुणाल जी ने अपने जीवन में अध्यात्म, ज्ञान, और मानव सेवा का जो अद्वितीय योगदान दिया, वह सदा हमारे हृदय में अमिट रहेगा। उनकी सरलता, सौम्यता, और मार्गदर्शन ने अनगिनत लोगों के जीवन को प्रेरित किया और सही दिशा दी। उनकी कमी को शब्दों में व्यक्त कर पाना कठिन है। यह क्षति न केवल उनके परिवार और मित्रों के लिए है, बल्कि पूरे समाज के लिए भी अपूरणीय है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल दें।
सांसद संजय झा बोले- देश-प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति
जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि "किशोर कुणाल जी के असामयिक निधन की खबर से स्तब्ध हूं। उनका जाना देश और प्रदेश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईमानदार पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने के बाद किशोर कुणाल जी ने 2001 में पुलिस सेवा से सेवानिवृत्ति ले ली। कुछ माह बाद वे संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति बने, जहां फरवरी 2004 तक रहे। इसके बाद उन्होंने सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों को अपने जीवन का ध्येय बना लिया। महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव के रूप में उन्होंने जहां एक छोटे से मंदिर को आस्था का बड़ा केंद्र बना दिया, वहीं महावीर मंदिर ट्रस्ट को दान में प्राप्त होने वाली आय का सदुपयोग करते हुए जनसेवा की भावना के साथ कई चैरिटेबल अस्पतालों की स्थापना की। सामाजिक कुरीतियों तथा भेदभाव के खिलाफ उन्होंने आजीवन आवाज बुलंद की। उनका जीवन और उनके विचार लोगों को समाजसेवा के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे।"
74 वर्ष की उम्र में आचार्य ने ली अंतिम सांस
विश्व प्रसिद्ध पटना महावीर मंदिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल का रविवार की सुबह
निधन हो गया। रविवार अहले सुबह हार्ट अटैक आने के बाद उन्हें फौरन महावीर वात्सल्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल का कार्डियक अरेस्ट आया है। अस्पताल जाने से पहले उन्होंने दम तोड़ दिया। 74 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली।