अरहर, मूंग, उड़द दाल को एमएसपी पर खरदेगी सरकार
- राज्य के 21 कृषि उत्पादन बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण एवं समुचित विकास के लिए कुल 1,289 करोड़ रुपये की लागत पर योजना का कार्यान्वयन किया जा रहा है। अन्य समी बाजार समिति प्रांगण को कार्यशील किया जायेगा।
- राज्य सरकार द्वारा नेशनल कोऑपरेटिव कन्ज्यूमर फेडरेशन (NCCF), नेफेड इत्यादि से समन्वय कर अरहर, मूंग, उड़द इत्यादि का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करते हुए क्रय किया जायेगा।
- राज्य के सभी अनुमंडलों एवं सभी प्रखंडों में कोल्ड स्टोरेज की स्थापना चरणबद्ध रूप से की जायेगी।
- प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) के उत्पाद को उचित मूल्य एवं विपणन की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन फेडरेशन (VEGFED) द्वारा 'सुधा' के तर्ज पर संयुक्त रूप से राज्य के सभी प्रखंडों में प्रखंड स्तर पर 'तरकारी सुधा आउटलेट खोला जायेगा।
- वर्तमान में बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन फेडरेशन के तहत कुल तीन संघों के अधीन अब तक कुल 302 प्रखंड स्तरीय प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (PVCS) का गठन किया जा चुका है। आगामी वित्तीय वर्ष में राज्य के शेष सभी प्रखंडों में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (PVCS) का गठन किया जायेगा और संघ से संबद्ध किया जायेगा।
- राज्य के प्रत्येक पंचायत में गरीब कन्याओं के विवाह हेतु राज्य सरकार के द्वारा चरणबद्ध तौर पर कन्या विवाह मण्डप का निर्माण कराया जाएगा ताकि बहुत ही कम शुल्क पर विवाह भवन एवं विवाह से संबंधित सभी सुविधायें उपलब्ध हो सकें तथा इसका संचालन भी महिला स्वयं समूहों द्वारा ही कराया जायेगा।
- पटना में महिला हाट की स्थापना की जाएगी एवं अन्य सभी बड़े शहरों में स्थापित व्यापार स्थल (Vending Zone) में महिलाओं के लिए स्थल को कर्णाकित किया जाएगा।
- प्रायोगिक तौर पर पटना में चलन्त व्यायामशाला (Gym on Wheels) की शुरूआत की जाएगी
सभी शहरों में पिंक टॉयलेट की स्थापना करेगी सरकार
- राज्य के सभी शहरों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट की स्थापना की जाएगी। प्रथम चरण में एक माह के अंदर 20 पिक टॉयलेट स्थापित किये जायेंगे।
- राज्य के सभी जिलों में बस स्टैंड को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक रूप से विकसित किया जायेगा ।
- "बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2025" तैयार की जा रही है, जो राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने एवं निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से एक गतिशील तंत्र के रूप में कार्य करेगी। यह नीति वर्तमान में निवेशकों की जरूरतों को यथासंभव सहयोग देते हुए निवेश के लिए राज्य को एक आकर्षक केन्द्र के रूप में विकसित करने में सहयोग करेगी। इसका लाभ राज्य में आर्थिक गतिविधियों के विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन के रूप में भी होगा।
- स्थायी और वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को प्रोत्साहित करके राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम मूल्यवर्धन एवं रोजगार सृजन हेतु "बिहार बॉयोफ्यूल्स उत्पादन प्रोत्साहन (संशोधन) नीति, 2025" लागू की जाएगी। पर्यावरणीय चुनौतियों एवं नवीकरणीय उर्जा विकल्पों की बाजार में माँग के कारण निजी कंपनियों/ तेल विपणन कम्पनियों द्वारा राज्य में कम्प्रेस्ड बॉयोगैस इकाईयाँ स्थापित की जाएगी। यह हमारी ऊर्जा जरूरतों को स्थानीय स्तर पर पर्यावरण को बिना प्रभावित किए हुए स्वच्छ स्रोतों से पूर्ण करने में सहयोग करेगी।
- किसानों की आय में वृद्धि, पर्यावरणीय स्थिरता के साथ सतत् औद्योगिक विकास और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने तथा राज्य में रोजगार के नये अवसर विकसित करने के उद्देश्य से "बिहार खाद्य प्रसंस्करण नीति, 2025" लाई जाएगी। महोदय, बिहार में खाद्य-प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमों के लिए वृहत संभावना है, जिसको बढ़ावा देने में यह नीति मील का पत्थर साबित होगी। इससे राज्य में उपलब्ध कृषि उत्पादों आधारित इनपुट के लिए किसानों को अच्छा मूल्य प्राप्त हो सकेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही, इन उत्पादों के आधार पर होने वाले मूल्य संवर्द्धन की प्रक्रिया में रोजगार के कई अवसर भी सृजित होंगे।
- बिहार को एक प्रमुख फार्मास्युटिकल और चिकित्सा उपकरण विनिर्माण केन्द्र के रूप में बढ़ावा देने, फार्मास्युटिकल क्षेत्रों द्वारा पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण प्रथाओं को बढ़ावा देने,