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Bihar Budget 2025 : छठ को अब रोजगार से जोड़ेगी नीतीश कुमार सरकार; सम्राट चौधरी ने बजट में ऐसी 52 घोषणाएं कीं

Mon, 03 Mar 2025 04:42 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : बिहार की नीतीश कुमार सरकार चुनावी साल में बजट के जरिए 52 सौगातें लेकर आई। इनमें महिलाओं-छात्रों पर ज्यादा फोकस रहा। बड़ी बात यह भी कि सरकार अब छठ को भी रोजगार से जोड़ने जा रही है। इस खबर में वह सारी घोषणाएं पढ़िए-समझिए।
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बिहार बजट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार की नीतीश कुमार सरकार हर तरफ रोजगार की संभावनाएं देख रही है। अब उसकी नजर छठ पर भी है। वित्त विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने छठ को रोजगार से जोड़ने की योजना सोमवार को पेश बिहार बजट में की। चुनावी साल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने बजट में कुल 52 योजनाओं की जानकारी दी। यह योजनाएं रोजगार, स्वरोजगार पर फोकस हैं और केंद्र में महिलाएं और छात्र हैं। आइए जानते हैं प्रमुख घोषणाओं को...

  • अनुसंधान एवं विकास पारिस्थितिकी तंत्र के समग्र विकास के साथ शैक्षणिक और औद्योगिक विकास के अवसरों को प्रोत्साहित करके फार्मास्युटिकल क्षेत्र के लिए एक नवाचार और अनुसंधान एवं विकास केन्द्र बनाने तथा राज्य में रोजगार सृजन सुविधाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से "बिहार फार्मास्युटिकल प्रमोशन पॉलिसी, 2025" लागू की जाएगी।
  • बिहार में प्लास्टिक विनिर्माण क्षेत्र आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस हेतु राज्य में प्लास्टिक विनिर्माण के लिए "बिहार प्लास्टिक विनिर्माण प्रोत्साहन नीति, 2025" लागू की जाएगी।
  • उद्यमिता विकास संस्थान का जीर्णोद्धार कर इसे 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जायेगा। राज्य के प्रमुख शहरों मे कामकाजी महिलाओं को स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से कामकाजी महिला छात्रावास की स्थापना एवं संचालन हेतु पृथक नियमावली एवं कार्य योजना तैयार किया जाएगा।
  • गुड़ के लिये एक "सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स' की स्थापना पूसा (समस्तीपुर) में की जायेगी। देश के चयनित स्थानों यथा- हैदराबाद, बेंगलुरू, मुंबई, दिल्ली एनसीआर, कोलकाता, गुवाहाटी, सूरत, लुधियाना, कोयम्बटूर एवं चेन्नई में प्रवासी परामर्श सह निबन्धन केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिससे राज्य के प्रवासी श्रमिकों को लाभ मिल पाएगा।
  • वर्त्तमान में राज्य के 534 प्रखंडों में से 358 प्रखंडों में अंगीभूत / राजकीय डिग्री महाविद्यालय नहीं हैं। इन प्रखंडों में चरणबद्ध तरीके से एक-एक डिग्री महाविद्यालय (सरकारी/निजी) की स्थापना सुनिश्चित की जायेगी।
  • वर्ग 01 से 10 तक के सामान्य श्रेणी के छात्रों (अल्पसंख्यक सहित) की छात्रवृति दर को दोगुना किया जायेगा। निजी क्षेत्र के सहयोग से राज्य में नए निजी मेडिकल कॉलेज संचालित किये जायेगे।
  • निजी जन भागीदारी (PPP) के आधार पर नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे। राज्य के बड़े अनुमंडलों में अनुमंडलीय अस्पताल के अतिरिक्त एक अन्य रेफरल अस्पताल का निर्माण किया जायेगा।

 

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बिहार बजट। - फोटो : अमर उजाला
अरहर, मूंग, उड़द दाल को एमएसपी पर खरदेगी सरकार
  • राज्य के 21 कृषि उत्पादन बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण एवं समुचित विकास के लिए कुल 1,289 करोड़ रुपये की लागत पर योजना का कार्यान्वयन किया जा रहा है। अन्य समी बाजार समिति प्रांगण को कार्यशील किया जायेगा।
  • राज्य सरकार द्वारा नेशनल कोऑपरेटिव कन्ज्यूमर फेडरेशन (NCCF), नेफेड इत्यादि से समन्वय कर अरहर, मूंग, उड़द इत्यादि का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करते हुए क्रय किया जायेगा।
  • राज्य के सभी अनुमंडलों एवं सभी प्रखंडों में कोल्ड स्टोरेज की स्थापना चरणबद्ध रूप से की जायेगी।
  • प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) के उत्पाद को उचित मूल्य एवं विपणन की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन फेडरेशन (VEGFED) द्वारा 'सुधा' के तर्ज पर संयुक्त रूप से राज्य के सभी प्रखंडों में प्रखंड स्तर पर 'तरकारी सुधा आउटलेट खोला जायेगा।
  • वर्तमान में बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन फेडरेशन के तहत कुल तीन संघों के अधीन अब तक कुल 302 प्रखंड स्तरीय प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (PVCS) का गठन किया जा चुका है। आगामी वित्तीय वर्ष में राज्य के शेष सभी प्रखंडों में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (PVCS) का गठन किया जायेगा और संघ से संबद्ध किया जायेगा।
  • राज्य के प्रत्येक पंचायत में गरीब कन्याओं के विवाह हेतु राज्य सरकार के द्वारा चरणबद्ध तौर पर कन्या विवाह मण्डप का निर्माण कराया जाएगा ताकि बहुत ही कम शुल्क पर विवाह भवन एवं विवाह से संबंधित सभी सुविधायें उपलब्ध हो सकें तथा इसका संचालन भी महिला स्वयं समूहों द्वारा ही कराया जायेगा।
  • पटना में महिला हाट की स्थापना की जाएगी एवं अन्य सभी बड़े शहरों में स्थापित व्यापार स्थल (Vending Zone) में महिलाओं के लिए स्थल को कर्णाकित किया जाएगा।
  • प्रायोगिक तौर पर पटना में चलन्त व्यायामशाला (Gym on Wheels) की शुरूआत की जाएगी

सभी शहरों में पिंक टॉयलेट की स्थापना करेगी सरकार
  • राज्य के सभी शहरों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट की स्थापना की जाएगी। प्रथम चरण में एक माह के अंदर 20 पिक टॉयलेट स्थापित किये जायेंगे।
  • राज्य के सभी जिलों में बस स्टैंड को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक रूप से विकसित किया जायेगा ।
  • "बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2025" तैयार की जा रही है, जो राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने एवं निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से एक गतिशील तंत्र के रूप में कार्य करेगी। यह नीति वर्तमान में निवेशकों की जरूरतों को यथासंभव सहयोग देते हुए निवेश के लिए राज्य को एक आकर्षक केन्द्र के रूप में विकसित करने में सहयोग करेगी। इसका लाभ राज्य में आर्थिक गतिविधियों के विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन के रूप में भी होगा।
  • स्थायी और वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को प्रोत्साहित करके राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम मूल्यवर्धन एवं रोजगार सृजन हेतु "बिहार बॉयोफ्यूल्स उत्पादन प्रोत्साहन (संशोधन) नीति, 2025" लागू की जाएगी। पर्यावरणीय चुनौतियों एवं नवीकरणीय उर्जा विकल्पों की बाजार में माँग के कारण निजी कंपनियों/ तेल विपणन कम्पनियों द्वारा राज्य में कम्प्रेस्ड बॉयोगैस इकाईयाँ स्थापित की जाएगी। यह हमारी ऊर्जा जरूरतों को स्थानीय स्तर पर पर्यावरण को बिना प्रभावित किए हुए स्वच्छ स्रोतों से पूर्ण करने में सहयोग करेगी।
  • किसानों की आय में वृद्धि, पर्यावरणीय स्थिरता के साथ सतत् औद्योगिक विकास और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने तथा राज्य में रोजगार के नये अवसर विकसित करने के उद्देश्य से "बिहार खाद्य प्रसंस्करण नीति, 2025" लाई जाएगी। महोदय, बिहार में खाद्य-प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमों के लिए वृहत संभावना है, जिसको बढ़ावा देने में यह नीति मील का पत्थर साबित होगी। इससे राज्य में उपलब्ध कृषि उत्पादों आधारित इनपुट के लिए किसानों को अच्छा मूल्य प्राप्त हो सकेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही, इन उत्पादों के आधार पर होने वाले मूल्य संवर्द्धन की प्रक्रिया में रोजगार के कई अवसर भी सृजित होंगे।
  • बिहार को एक प्रमुख फार्मास्युटिकल और चिकित्सा उपकरण विनिर्माण केन्द्र के रूप में बढ़ावा देने, फार्मास्युटिकल क्षेत्रों द्वारा पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण प्रथाओं को बढ़ावा देने,
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बिहार का बजट। - फोटो : अमर उजाला
  • अनुसंधान एवं विकास पारिस्थितिकी तंत्र के समग्र विकास के साथ शैक्षणिक और औद्योगिक विकास के अवसरों को प्रोत्साहित करके फार्मास्युटिकल क्षेत्र के लिए एक नवाचार और अनुसंधान एवं विकास केन्द्र बनाने तथा राज्य में रोजगार सृजन सुविधाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से "बिहार फार्मास्युटिकल प्रमोशन पॉलिसी, 2025" लागू की जाएगी।
  • बिहार में प्लास्टिक विनिर्माण क्षेत्र आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस हेतु राज्य में प्लास्टिक विनिर्माण के लिए "बिहार प्लास्टिक विनिर्माण प्रोत्साहन नीति, 2025" लागू की जाएगी।
  •  उद्यमिता विकास संस्थान का जीर्णोद्धार कर इसे 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जायेगा।
  • राज्य के प्रमुख शहरों मे कामकाजी महिलाओं को स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से कामकाजी महिला छात्रावास की स्थापना एवं संचालन हेतु पृथक नियमावली एवं कार्य योजना तैयार किया जाएगा।
  • गुड़ के लिये एक "सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स' की स्थापना पूसा (समस्तीपुर) में की जायेगी।
  • देश के चयनित स्थानों यथा- हैदराबाद, बेंगलुरू, मुंबई, दिल्ली एनसीआर, कोलकाता, गुवाहाटी, सूरत, लुधियाना, कोयम्बटूर एवं चेन्नई में प्रवासी परामर्श सह निबन्धन केंद्र (Migration Counselling cum Registration Centres) स्थापित किया जाएगा, जिससे राज्य के प्रवासी श्रमिकों को लाभ मिल पाएगा।
  • वर्त्तमान में राज्य के 534 प्रखंडों में से 358 प्रखंडों में अंगीभूत / राजकीय डिग्री महाविद्यालय नहीं हैं। इन प्रखंडों में चरणबद्ध तरीके से एक-एक डिग्री महाविद्यालय (सरकारी/निजी) की स्थापना सुनिश्चित की जायेगी।
  • वर्ग 01 से 10 तक के सामान्य श्रेणी के छात्रों (अल्पसंख्यक सहित) की छात्रवृति दर को दोगुना किया जायेगा।
  • निजी क्षेत्र के सहयोग से राज्य में नए निजी मेडिकल कॉलेज संचालित किये जायेगे।
  • निजी जन भागीदारी (PPP) के आधार पर नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे।
  • राज्य के बड़े अनुमंडलों में अनुमंडलीय अस्पताल के अतिरिक्त एक अन्य रेफरल अस्पताल का निर्माण किया जायेगा।
  • राज्य सरकार द्वारा लोक स्वास्थ्य प्रबंधन संवर्ग का सृजन किया जाएगा।
  • सम्पूर्ण राज्य में शहरी क्षेत्रों के लिए, विशेष रूप से वंचित वर्ग के लोगों के लिए, स्लम क्षेत्रों इत्यादि के लिए नगर चिकित्सा सुविधा केन्द्रों की स्थापना की जाएगी। प्रथम चरण में बिहार राज्य के सभी 9 प्रमण्डलों के जिला मुख्यालयों में 108 चिकित्सा केन्द्रों को स्थपित किया जाएगा।
  • कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम एवं इलाज हेतु "बिहार कैंसर केयर सोसाईटी" की स्थापना की जायेगी।
  • बेगूसराय में एक कैंसर अस्पताल की स्थापना की जाएगी।
  • "मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृति योजना" अंतर्गत राज्य के सरकारी विद्यालय, सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त तथा स्थापना प्रस्वीकृत विद्यालयों में कक्षा-1 से X तक में अध्ययनरत् पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं के छात्रवृत्ति दर को दोगुना किया जायेगा, जिसपर प्रतिवर्ष अतिरिक्त 875.77 करोड़ रूपये का व्यय अनुमानित है।
  •  अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति श्रेणी के छात्रों को दिये जाने वाले प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति दर को दोगुना किया जायेगा, जिस पर राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त लगभग 260 करोड़ रुपये का वार्षिक व्यय अनुमानित है।
  • मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास अनुदान योजना अन्तर्गत छात्रावास अनुदान की वर्त्तमान दर 1,000 रुपये प्रतिमाह को दोगुना कर 2,000 रुपये प्रतिमाह किया जायेगा।
  • अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की आबादी वाले वैसे 40 प्रखंड, जिसमें 50,000 या उससे अधिक आबादी है तथा पूर्व से आवासीय विद्याालय संचालित नहीं है, में एक-एक 720 आवासन वाले विद्यालय की स्थापना की स्वीकृति के आलोक में 14 आवासीय विद्यालयों का निर्माण कार्य वित्तीय वर्ष 2025-26 में कराया जायेगा।
  • बिहार के सभी प्रमंडलों में राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेल अवसंरचना का निर्माण कार्य प्रारम्भकिया जाएगा। पटना प्रमंडल के पुनपुन प्रखण्ड में कुल 100 एकड़ की भूमि चिन्हित कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण कर खेल अवसंरचना का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने की योजना है।
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