वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में हमारी सरकार के आने से पहले, वर्ष 2004-05 का बजट 23,885 करोड़ रुपए का था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 3.17 लाख करोड़ रुपये का हो चुका है। महोदय, न केवल बिहार के बजट के आकार में वृद्धि हुई है, बल्कि नीतीश सरकार ने राज्य में वित्तीय अनुशासन को भी स्थापित किया है। राज्य सरकार ने अपने वित्तीय प्रबंधन को तय मानकों के भीतर रखा है। राज्य सरकार ने बढ़े हुए बजट का उपयोग राज्य के सर्वांगीण विकास को आगे बढाने में किया है, जिसे विभिन्न सकेतकों में समय के साथ हुए सुधार में देखा जा सकता है। खास कर आधारभूत संरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य इस दौर में हुए है। राज्य की जनता ने जो विश्वास हम पर जताया है उस विश्वास के माध्यम से हम राज्य को विकास के विभिन्न आयामों के नए स्तर पर ले जाने के लिए संकल्पित हैं।
तीन प्रतिशत की निर्धारित सीमा के भीतर रखा है
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार ने वित्तीय समेकन एवं अनुशासित वित्तीय ढांचा को सुदृढ करते हुए जहां एक ओर राजस्व बचत को वर्ष 2024-25 के 1.121.41 करोड़ रूपये से बढ़ाकर वर्ष 2025-26 में 8,831.18 करोड़ रुपये किया है, वहीं दूसरी ओर राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम द्वारा निर्धारित राजकोषीय घाटा को सकल राज्य घरेलू उत्पाद का तीन प्रतिशत की निर्धारित सीमा के भीतर रखा है। इस बजट में अनेकों संस्थागत नीतियों को सहज एवं सुगम बनाया गया है। साथ ही, निजी निवेश को प्रोत्साहित किया गया है तथा राज्य के आर्थिक विकास की गति को तेजी प्रदान करने के लिए रोजगारयुक्त निवेश को बढ़ावा दिया गया है।
बिहार राज्य का बजट आकार 3,16,895.02 करोड़ रुपये
वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार राज्य का बजट आकार 3,16,895.02 करोड़ रुपये है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट आकार 2,78,725.72 करोड़ रुपये से 38,169.30 करोड़ रुपये अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में वार्षिक स्कीम का बजट अनुमान 1,16,750 करोड़ रुपये है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान 1,00,000 करोड़ रुपये से 16,750 करोड़ रुपये अधिक है।