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Bihar News: शिक्षा के मंदिर में जूतम पैजार, प्रधानाध्यापिका और शिक्षक के बीच भिड़ंत; जानिए, दोनों ने क्या कहा

Fri, 14 Feb 2025 09:07 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैमूर

सार

Kaimur News: सरकारी स्कूल की प्रधानाध्यापिका और शिक्षक के बीच जमकर विवाद हुआ। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ओर से जूते-चप्पल तक चलने लगे। अब इस घटना का तेजी से वीडियो वायरल हो रहा है।
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प्रधानाध्यापिका और शिक्षक ने एक-दूसरे पर कई आरोप लगाए। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कैमूर में शिक्षा के मंदिर में प्रार्थना करने के दौरान प्रधानाध्यापिका और शिक्षक के बीच जमकर विवाद हुआ। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ओर से जूते-चप्पल तक चलने लगे। अब इस घटना का तेजी से वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें स्पष्ट दिख रहा है कि दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत छांव पंचायत के प्राथमिक विद्यालय मधुरा की प्रधानाध्यापिका एवं शिक्षक के बीच आपस में अभद्र भाषा व अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया। जूते-चप्पल चलाने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा। वीडियों में साफ-साफ दिख रहा है। विद्यालय की महिला प्रधानाध्यापिका एवं पुरुष शिक्षक के बीच अभद्रभाषा और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जा रहा था। 

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प्रधानाध्यापिका एवं शिक्षक में झड़प हो रही थी
घटना के बाद छांव पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि गजानंद सिंह यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय में शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। बार-बार विद्यालय की महिला प्रधानाध्यापिक की शिकायत मिल रही थी। वहां पर जांच करने के दौरान पहुंचा तो आपस में ही प्रधानाध्यापिका एवं शिक्षक में झड़प हो रही थी। एक-दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप महिला प्रधानाध्यापिका एवं पुरुष शिक्षक द्वारा लगाए जा रहे थे। इसके बाद मैंने मोहनियां अनुमंडल के एसडीएम राकेश कुमार सिंह और जिला शिक्षा पदाधिकारी अक्षय कुमार पांडेय से इस मामले की शिकायत की और आरोपियों पर कार्रवाई करने की अपील की। 
 
शिक्षकों को समय पर आने के लिए कहा तो ऐसा किया
मामले मे प्रधानाध्यापिका ने बताया कि इस विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं सुबह 11:00 के बाद आते हैं। जब मैंने उनसे समय पर आने की अपील की और कहा कि अगर आपलोग समय पर नहीं आएंगे तो बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी? तो वह बेवजह हमसे उलझ गए। देखते ही देखते गाली-गलौज और मारपीट करने लगे। मैंने शिक्षा विभाग से न्याय की गुहार लगागई है। 
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प्रधानाध्यापिका हमलोगों को प्रताड़ित करती हैं
वहीं शिक्षक ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापिका हमलोगों को प्रताड़ित करती हैं। हमने जब खेलकूद का सामान मांगा तो हमारे जाति सूचक का नाम लेकर अभद्रभाषा और अमर्यादितभाषा मुझे बोलने लगीं। इतना ही नहीं वह बच्चों को भोजन तक नहीं देती हैं। पिछले तीन माह से मध्याह्न भोजन बंद है। मैंने इसकी शिकायत शिक्षा विभाग से की है। 

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