बिहार में सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी के 4500 पदों पर ली जा रही परीक्षा में गड़बड़ी हुई है। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने एक साथ 12 सेंटर पर छापेमारी की। जांच के बाद जो मामले सामने आए, वह हैरान करने वाले थे। सॉल्वर गैंग इस परीक्षा में गड़बड़ी कर रहे थे। इसमें सेंटर संचालकों की भी मिलीभगत थी। ईओयू ने गड़बड़ी करने के आरोप में शाइन टेक प्राइवेट लिमिटेड के लोगों, ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों के प्रमुखों, ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों के आईटी प्रबंधकों, परीक्षा समन्वयकों और आईटी सहायक कर्मचारियों सहित 37 लोगों को हिरासत में लिया है।
बताया जा रहा है कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के लिए आयोजित किया गया। तीन ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों पर जांच के दौरान, यह पाया गया कि प्रॉक्सी सर्वर, रिमोट व्यूइंग एप्लिकेशन और सॉफ़्टवेयर का उपयोग करके, एक सॉल्वर गिरोह को वास्तविक समय में ऑनलाइन आधारित परीक्षा तक अनधिकृत पहुंच प्रदान की गई थी। बता दें कि पूरे बिहार में CHO के 4500 पदों पर बहाली होनी थी। पटना में 12 सेंटरों पर छापेमारी के दौरान संदिग्धों के पास से व्हाट्सएप चैट, ईमेल, ऑडियो मिले हैं। इसमें परीक्षा में गड़बड़ी के सबूत मिले। इसके बाद परीक्षा रद्द की गई।
पटना में यहां बनाए गए परीक्षा केंद्र
- एसीएमई इंस्टीट्यूट ऑफ इनफोर्मेंशन
- एकम इवोल्यूशन
- श्रीराम इन्फोटेक
- टेक्नोपार्क ऑनलाइन एग्जामिनेशन
- पाटलिपुत्र डिजिटल सेंटर
- नितई इन्फोटेक ऑनलाइन एग्जामिनेशन सेंटर
- अयोध्या इंफोसेल
- रोरो डिजिटल
- यूनिवर्स डिजिटल नेटवर्क
- इनफोर्मेटिंक कंप्यूटर एजुकेशन
- विस्डम ऑनलाइन एग्जाम सेंटर
- वायर ऑनलाइन एग्जाम सेंटर