कहलगांव में व्यवसायी के घर में डकैती करने की कोशिश की गई। हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण बड़ी घटना होने से बचा गई। अब व्यवसायियों ने रविवार को कहलगांव के जगन्नाथ स्वामी धर्मशाला में व्यवसायियों ने आपातकालीन बैठक आयोजित की। बैठक में सभी वर्ग के व्यापारियों ने शहर में बढ़ते आपराधिक घटनाओं पर चिंता जतायी। लोगों ने कहा कि शहर सदियो से शांत क्षेत्र रहा है, लेकिन कुछ समय से शहर मे आपराधिक गतिविधियां बढ़ गयी हैं। इसलिए इसके निराकरण के लिए पुलिस प्रशासन हमारी सुरक्षा मुहैया कराए।
व्यवसायियों आपराधिक घटना के खिलाफ की बैठक
बैठक में शामिल हुए जनता दल यूनाइटेड के महासचिव शुभानंद मुकेश से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए व्यवसायियों ने कहा कि जब तक सदानंद बाबू जीवित थे, शहर अपराधमुक्त था। इस शहर में बड़े अपराध नहीं हुआ करते थे। लोगों ने कहा कि शहर के व्यस्ततम इलाके में डकैती करने की कोशिश की गई। इस घटना से व्यवसायी वर्ग अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस भय के माहौल में व्यापार करना मुश्किल हो जाएगा। इन व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस घटना में संलिप्त सभी अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए। विशेषकर शाम में दुकान बंद करने के समय पुलिस गश्ती को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इस मौके पर अशोक खेमका, देवकी नंदन शर्मा, श्याम चौधरी, ब्रजेश साह, संजय केशरी, राजकुमार सरसहाय, रिंकु सिंह, सचिन गुप्ता, राजीव कुमार, अभिषेक केशरी, राजेश दालान, आलोक टेकरीवाल, संजय गुप्ता, सूरज गुप्ता सहित कई व्यवसायी मौजूद रहे।
एसडीपीओ को सौंपा ज्ञापन
बैठक समाप्त होने के बाद व्यवसायियों का एक प्रतिनिधिमंडल शुभानद मुकेश और ब्रजेश साह की अगुवाई में कहलगांव एसडीपीओ शिवानंद सिंह से मिलकर ज्ञापन सौपा। इस संबंध में एसडीपीओ शिवानंद सिंह ने बताया कि SIT गठित कर इन अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी जांच की जा रही है। एसडीपीओ शिवानंद सिंह ने बताया कि डाग स्क्वायड की टीम बुलायी गयी है। आगे की कार्रवाई जारी है।
क्या है मामला
व्यवसायी कुमुद प्रसाद गुप्ता का मकान शहर के पुराना अस्पताल के सामने गली (वार्ड नंबर 07) में स्थित है। वह अपनी दवा दुकान (न्यू लक्की मेडिकल हाल) को बंद कर अपने घर जा रहे थे। इस बीच घर के मेन गेट से भीतर घुसने के क्रम में ही पहले से घात लगाए तीन नकाबपोश बदमाशो ने उनको गेट के पास पीछे से पकड़ लिया। इस दौरान कुमुद प्रसाद ने हिम्मत करके एक अपराधी को जमीन पर पटक दिया। और शोर मचाने लगे। शोरगुल सुनकर उनकी पत्नी संगीता गुप्ता चिल्लाती हुई प्रथम तल से नीचे दौड़ती वहां पहुंची। उधर आसपास के लोग भी आने लगे। खुद को घिरता देख तीनों नकाबपोश अपराधी वहां से फरार हो गये।