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Bihar : पत्नी को गोली मारने के बाद खुद की जान ली! 350 बीघा जमीन के मालिक रहे किसान ने सुसाइड नोट में लिखा दर्द

Fri, 04 Jul 2025 06:58 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया

सार

Bihar News : एक घर में पति-पत्नी का शव मिला है। सुसाइड नोट बता रहा है कि पति ने पत्नी की हत्या के बाद खुद की भी जान ले ली। 350 बीघा जमीन के मालिक रहे शख्स ने यह कदम क्यों उठाया होगा, यह सुसाइड नोट में लिखा है।
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पश्चिम चंपारण के पुलिस जिला बगहा में बड़ी वारदात। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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बिहार के बेतिया जिले के चौतरवा थाना क्षेत्र के महुअवा डीह टोला में मंगलवार की रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। पूर्व मुखिया अरविंद लाल श्रीवास्तव (65) ने पहले अपनी पत्नी आशा देवी (60) को गोली मारी और फिर खुद को भी गोली मारकर जीवन समाप्त कर लिया। देर रात हुई इस वारदात से पूरे टोले में कोहराम मच गया और घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गई।

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पुलिस जांच और बरामद सुसाइड नोट
पुलिस को सूचना देर से मिली। जब तक पुलिस घटनास्थल पर पहुंचती, परिजनों ने जल्दबाजी में शवों का अंतिम संस्कार कर दिया, जिससे कई अहम सबूत मिट गए। पुलिस का मानना है कि इतनी जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किया जाना संदेहास्पद है और इसकी गहराई से जांच की जाएगी।

बुधवार देर शाम जब पुलिस ने पूर्व मुखिया के घर की गहन तलाशी ली, तो दो देसी कट्टे (बंदूक) और एक हाथ से लिखा सुसाइड नोट बरामद हुआ। नोट में लिखा था: "मेरे पास सब कुछ था, लेकिन अब न जमीन बची, न शरीर में ताकत। कैंसर ने सब कुछ निगल लिया। इलाज में सब गया। अब और नहीं झेल सकता।" यह सुसाइड नोट पुलिस ने फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, जिससे हैंडराइटिंग और घटनास्थल की पुष्टि की जा सके।
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जमीन का नुकसान और कैंसर ने तोड़ा
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, अरविंद लाल श्रीवास्तव कभी क्षेत्र के सबसे संपन्न किसानों में गिने जाते थे। उनके पास 350 बीघा उपजाऊ खेती योग्य जमीन थी। पिछले कुछ वर्षों में गंडक नदी के भीषण कटाव से उनकी पूरी जमीन नदी में समा गई, जिससे वे आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट गए। जमीन खोने के कुछ वर्षों बाद उन्हें कैंसर हो गया। बीमारी के इलाज में लाखों रुपये खर्च हुए। इलाज के लिए उन्होंने अपनी बची-खुची संपत्ति और जेवरात भी बेच दिए, साथ ही कर्ज भी ले लिया। बीमारी, कर्ज और बेबसी ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया। इस आत्महत्या की घटना से पूरा गांव सदमे में है। परिजन गहरे सदमे में हैं और किसी से कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं। गांव के लोगों ने बताया कि अरविंद बाबू अक्सर अकेले बैठे रहते थे और उन्होंने लोगों से बोलचाल कम कर दी थी। ग्रामीणों का कहना है कि यह मानसिक तनाव की चरम परिणति है।

एसडीपीओ का बयान
इधर, एसडीपीओ बगहा कुमार देवेंद्र ने कहा, "हम इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किए जाने से संदेह गहराया है। सुसाइड नोट और बरामद हथियारों को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। परिजनों से भी लगातार पूछताछ हो रही है। मामला आत्महत्या प्रतीत हो रहा है, लेकिन हम हत्या के एंगल को भी खारिज नहीं कर सकते।"

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