13 दिसम्बर को हुई बीपीएससी की परीक्षा को रद्द करने की माँग को लेकर पटना में धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। इनलोगों की मांग है कि पूरी परीक्षा रद्द किये जाएं। वहीं अस्पताल कर्मियों ने अभ्यर्थियों में शामिल कुछ लड़कों के द्वारा गर्दनीबाग़ स्थित सदर अस्पताल में घुसकर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद अब पुलिस कई लोगों को नामजद करते हुए उन पर प्राथमिकी दर्ज कर रही है।
तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर अफ़वाह फैलायी जा रही
इस संबंध में पटना प्रशासन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी किया है। प्रेस विज्ञप्ति में लिखा है कि गर्दनीबाग में कुछ लोगों द्वारा बीपीएससी की 13 दिसम्बर को हुई परीक्षा को रद्द करने की माँग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। नेतृत्व करने वालों में से अधिकांश लोग गैर-परीक्षार्थी हैं। इन लोगों द्वारा आधारहीन अफवाह फैलाकर परीक्षार्थियों को उकसाने की कोशिश की जा रही है। इनके द्वारा मनमाने ढंग से आरोप-प्रत्यारोप कर लोगों को भड़काकर विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न की जा रही है। इनमें कुछ कोचिंग संचालक भी शामिल हैं, जिनमें रमांशु क्लासेज के रमांशु कुमार, सुनामी जीएसगुरू सुजीत, ज्ञान बिन्दु जीएस क्लासेज के रौशन आनंद, तथाकथित छात्र नेता दिलिप कुमार, परफेक्सन जीएस के चंदन प्रिय एवं कौटिल्या जीएस के प्रवीण कुमार और प्रदीप कुमार इत्यादि शामिल हैं। जो भी गंभीर परीक्षार्थी हैं वे इन प्रदर्शनों में शामिल नहीं हैं तथा वे 70वीं बीपीएससी मुख्य परीक्षा की तैयारी में लगे हुए हैं। कुछ सोशल मीडिया हैण्डल्स द्वारा भी आधारहीन तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर अफ़वाह फैलायी जा रही है।
अस्पताल में किया हंगामा
प्रेस विज्ञप्ति में आगे लिखा है कि सोमवार की शाम लगभग 5.15 बजे कुछ उपद्रवी तत्वों ने गर्दनीबाग अस्पताल में घुसकर चिकित्सकों और स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार तथा तोड़-फोड़ की है। तीन प्रदर्शनकारियों- पूर्वी चम्पारण निवासी राहुल कुमार (32), वैशाली जिला के राघोपुर निवासी आशुतोष आनंद (35) और सुनामी गुरू उर्फ़ सुजीत कुमार (40) पटना पीएमसीएच में भर्ती हुए हैं। चिकित्सकों के अनुसार इनकी स्थिति सामान्य है। पटना प्रशासन ने आधारहीन अफ़वाह फैलाने, लोगों को उकसाकर विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न करने वालों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रशासन का कहना है कि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल उपाधीक्षक ने कराया मामला दर्ज
घटना के संबंध में गर्दनीबाग़ थानाध्यक्ष ने बताया कि सदर अस्पताल की उपाधीक्षक ने आवेदन देते हुए कुछ लड़कों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। प्राथमिकी के अनुसार सदर अस्पताल की उपाधीक्षक ने शिकायत की है कि लड़कों ने स्वास्थ्यकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया है।
झूठा है आरोप
सदर अस्पताल में हंगामा और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ किये गये दुर्व्यवहार के संबंध में धरना प्रदर्शन कर रहे बीपीएससी अभ्यर्थियों का कहना है कि पुलिस हमसब पर झूठा आरोप लगा रही है। हमलोग आन्दोलन कर रहे हैं, जिसे दबाने के लिए हमसब पर आरोप लगाये जा रहे हैं।