अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि आम जनता के हित के लिए विभाग ने रोजगार सृजन करने के साथ-साथ कुछ महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं।
• भूमि विवादों को खत्म करने के लिए भूमि सर्वेक्षण के लिए 9,888 कर्मियों का चयन किया गया, जिन्हें 3 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियोजन पत्र दिया। चयनित कर्मियों में विशेष सर्वेक्षण अमीन-8,035, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो -458, विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी - 353 और विशेष सर्वेक्षण लिपिक-742 शामिल हैं। पूर्व से कार्यरत सर्वे कर्मियों को मिलाकर इनकी संख्या लगभग 14 हजार है।
• भूमि सर्वेक्षण में कैथी लिपि में लिखे पुराने खतियानों के कारण आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने 5 दिसंबर को कैथी लिपि पाठ्य पुस्तिका का विमोचन किया। यह पुस्तिका विभाग की वेबसाइट https://land.bihar.gov.in पर डाउनलोड किया जा सकता है।
• पुराने राजस्व दस्तावेजों तथा खतियानों को हिंदी भाषा में आसानी से रूपांतरित करने के लिए विभाग ने AI Tool/Large Language Model विकसित करने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित किया गया है।
• राजस्व नक्शों तथा अन्य विभागीय ऑनलाइन सुविधाएं जनता तक सुचारु रूप से पहुंचे, इसके लिए सोनपुर मेला, पटना पुस्तक मेला और सरस मेला में विभाग द्वारा स्टॉल लगाये गये। आम जनों की मांग पर इन स्टालों में कैथी लिपि पाठ्य पुस्तिका प्रिंट करा कर मामूली शुल्क पर उपलब्ध कराई गई।
• दिनांक 19 नवंबर से 14 दिसंबर तक चले सोनपुर मेले में कुल 5396 रैयत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्टॉल पर राजस्व नक्शों के लिए पहुंचे। उनके द्वारा कुल 12681 नक्शों की खरीद की गई, जिससे निदेशालय को कुल 19,02,150.00 रुपयों की प्राप्ति हुई।
• गांधी मैदान में लगे पुस्तक मेले में कुल 1369 लोगों ने 3947 नक्शों की खरीद की।
• गांधी मैदान में लगे सरस मेला के दौरान कुल 3018 लोगों ने काउंटर पर आकर 8505 शीट्स यानि नक्शों की खरीद की और भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय को 12,75,750.00 रुपयों का भुगतान किया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
दाखिल खारिज के लिए रैयत विभाग के आधिकारिक पोर्टल biharbhumi.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के तहत आवेदन करने के लिए जमीन के दस्तावेज और अन्य जरूरी जानकारी ऑनलाइन जमा करनी होती है।
ऑनलाइन भूमि दाखिल खारिज की यह हैं विशेषताएं
1.आवेदन से लेकर निष्पादन तक की सभी प्रक्रियाएँ ऑनलाइन
2.स्वतः संज्ञान दाखिल-खारिज की सुविधा
3.निश्चित समय सीमा (बिना आपत्ति के मामलों में 35 दिन, आपत्ति वाले मामलों में 75 दिन)
4.ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने की सुविधा
5.डिजिटल सिग्नेचर प्रति प्राप्त करने की सुविधा
6.अपील और पुनरीक्षण का प्रावधान
7.चालित सूचना प्रबंधन
8. त्रुटि जांच