कला संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव दयानिधाण पांडे।
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इस संबंध में कला संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव दयानिधाण पांडे ने बताया कि बिहार में फिल्म निर्माण और बिहार के कलाकारों को फिल्म, वेब सीरीज, टीवी सीरियल और अन्य डिजिटल कंटेंट क्रिएशन के लिए 4 करोड़ की राशि दी जाने के टर्म एंड कंडीशन के बारे में बताया जाएगा। इसमें बिहार के कलाकारों को मौका देने पर 4 करोड़ के बाद भी 50 लाख तक की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। इसके लिए सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शूटिंग के लिए विभिन्न जगहों से एनओसी लेने की बजाय विभाग में ही सिंगल विंडो सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे कलाकारों व निर्देशकों को इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं होगी। विभाग यहां से ही अलग-अलग विभाग से समन्वय कर एनओसी उपलब्ध कराएगी। वहीं, बिहार से कला में रुचि रखने वाले कला प्रेमी छात्रों को एनएसडी, सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट और भारतीय फिल्म और टेलिविजन संस्थान एफटीआईआई जैसे महाविद्यालयों में नामांकन लेने पर उनके पूरे कोर्स का ट्यूशन फीस का वाहन विभाग द्वारा किया जाएगा। जिसे छात्रों को रिटर्न नहीं करना है। कार्यक्रम में आने वाले समय में आयोजित होने वाले फिल्म महोत्सव में कलाकारों को पुरस्कृत करने की पैमानों पर भी चर्चा होगी।
कला संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव दयानिधाण पांडे ने बताया कि बिहार में अगर फिल्म निर्माण शुरू होती है, तब राज्य में रोजगारों का अवसर बढ़ेगा। राज्य के प्रतिभावान कलाकारों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही राज्य में वार्षिक आय की टर्नओवर में भी वृद्धि होगी। फिल्म के निर्माण का विकास को देखते हुए, आगामी दिनों में फिल्म सिटी के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा जाएगा। नई फिल्म एडिट के लिए लैब का निर्माण भी किया जाएगा।