बिहार के गया जिले में दो विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है, जिनमें बेलागंज और इमामगंज विधानसभा सीट है। दोनों विधानसभा हाई प्रोफाइल सीट है। दोनों सीटों पर विभिन्न राजनैतिक दलों के कुल 27 प्रत्याशियों ने नामांकन का पर्चा दाखिल किया था, जिनमें बेलागंज विधानसभा से 17 और इमामगंज विधानसभा सीट से 10 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। सोमवार को दोनों विधानसभा सीटों पर हुए नामांकन पत्र की स्क्रूटनी की गई। नामांकन पत्र भरे जाने के बाद स्क्रूटनी के दौरान दोनों विधानसभा के तीन प्रत्याशियों का आवेदन रद्द कर दिया गया। बेलागंज विधानसभा क्षेत्र के दो और इमामगंज विधानसभा क्षेत्र के एक प्रत्याशी का नामांकन रद्द किया गया है, जिनमें बेलागंज विधानसभा क्षेत्र के पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया के जितेंद्र यादव और निर्दलीय प्रत्याशी सुरेंद्र यादव उर्फ शंभू कुमार का नाम शामिल हैं। वहीं इमामगंज विधानसभा सीट से राष्ट्रीय जनतंत्र मोर्चा के प्रत्याशी सीमा कुमारी के नामांकन रद्द किया गया। अब बेलागंज विधानसभा सीट से 15 और इमामगंज विधानसभा सीट से 9 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।
दोनों सीटों पर होगी आमने-सामने की लड़ाई
गया के दोनों सीटों पर दिग्गजों के बेटे और बहू चुनावी अखाड़े में उम्मीदवार बने हैं। इमामगंज विधानसभा क्षेत्र से बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन की पत्नी सह केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की बहू दीपा मांझी चुनावी मैदान में हैं। वहीं राजद से रौशन मांझी को उम्मीदवार बनाया है। इमामगंज विधानसभा सीट पर एनडीए और राजद प्रत्याशी के बीच आमने-सामने की टक्कर है। बेलागंज विधानसभा सीट पर अब कुल 9 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। बेलागंज विधानसभा क्षेत्र में जदयू से पूर्व एमएलसी मनोरमा देवी और जहानाबाद सांसद डा. सुरेंद्र यादव के पुत्र राजद प्रत्याशी विश्वनाथ कुमार सिंह उर्फ विश्वनाथ यादव के बीच कांटे की टक्कर है। हालांकि दोनों विधानसभा सीटों पर जन सुराज पार्टी ने भी अपना उम्मीदवार खड़ा किया है।
नाम वापसी की तिथि है 30 अक्टूबर
विगत 18 अक्टूबर से बिहार विधानसभा उपचुनाव को लेकर नामांकन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। गया जिले के बेलागंज विधानसभा और इमामगंज विधानसभा में उपचुनाव को लेकर नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई, जहां एनडीए और इंडिया प्रत्याशियों के सहित कई अन्य पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने शहर के डीआरडीए कार्यालय में अपना नामांकन पत्र भरा था। इस दौरान सुरक्षा के भी खड़े प्रबंध किए गए थे। नामांकन पत्र भरने के बाद उनके समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत भी किया था। यह प्रक्रिया विगत 25 अक्टूबर तक चली थी, जिसके बाद 28 नवंबर को स्क्रूटनी की तिथि तय की गई थी, जिसमें तीन लोगों का नामांकन रद्द किया गया। नाम वापसी की तिथि 30 अक्टूबर तय की गई है। हालांकि इस दौरान दोनों विधानसभा क्षेत्र में बिहार के दोनों डिप्टी सीएम के अलावे कई मंत्रियों की सभा भी आयोजित हो चुकी है, जिसमें उक्त मंत्री एवं वरिष्ठ नेताओं के द्वारा अपने-अपने प्रत्याशियों को जीतने के लिए को लेकर कई तरह की बातें खुले मन से जनता के समक्ष रखी गई है। इतना ही नहीं पक्ष के लोगों के द्वारा एक तरफ सरकार की उपलब्धियां को बताया गया तो वहीं विपक्ष के द्वारा सरकार की नाकामियों को भी बताया गया और जनता के समक्ष अपने प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने की बात रखी गई। मालूम हो कि 13 नवंबर को उपचुनाव होना है। वहीं 23 नवंबर को वोटों की गिनती होगी।