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Bihar: 'औरंगजेब अच्छे, समाजसेवी और इंसाफ पसंद शासक थे', सीएम नीतीश और ओवैसी की पार्टी के नेताओं का बयान

Thu, 06 Mar 2025 09:56 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार विधान मंडल परिसर में बजट सत्र के चौथे दिन सीएम नीतीश कुमार की पार्टी के विधायक और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के विधायक अख्तरूल ईमान ने औरंगजेब को बेहतर शासक बता दिया है। हालांकि, इन दोनों के बयान पर बिहार भाजपा ने पटलवार किया है।
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जदयू एमएलसी और एआईएमआईएम विधायक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश में इन दिनों मुगल शासक औरंगजेब को लेकर खूब बहस हो रही है। औरंगजेब के नाम पर अब बिहार में भी सियासत गरमा गई है। बिहार विधान मंडल परिसर में बजट सत्र के चौथे दिन सीएम नीतीश कुमार की पार्टी के विधायक और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के विधायक अख्तरूल ईमान ने औरंगजेब को बेहतर शासक बता दिया है। हालांकि, इन दोनों के बयान पर बिहार भाजपा ने पटलवार किया है। कहा कि जदयू नेताओं का ऐसा कहना गलत है। ऐसा बोलना सही नहीं है। वह गलत बोल रहे हैं। आइए जानते हैं जदयू और एआईएमआईएम के नेताओं ने क्या क्या कहा?

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जनता दल यूनाईटेड के विधान पार्षद ने कहा कि औरंगजेब अच्छे राजा थे। इस मामले में अलग अलग इतिहासकारों की अलग अलग राय है। कोई इतिहासकार उन्हें अच्छा कहता है तो कोई उन्हें बुरा कहता है। वह राजा थे और राजा अपने हिसाब से हुकूमत करता है। उन्होंने आगे कहा कि मेरी राय से भी वह एक अच्छे राजा थे। वहीं अबू आजमी के नेताओं के पाकिस्तान भेजने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को ऐसी बयानबाजी से बचाना चाहिए। कुछ अतिवादी लोग हैं, उन्हें ऐसा नहीं बोलना चाहिए।



औरंगजेब सूफी और प्रेम रस घोलने वाले शासक थे

वहीं एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक अख्तरूल ईमान ने कहा कि हमने जो पढ़ा है उसे हिसाब से औरंगजेब बेहतर शासक थे। भाजपा वाले कुछ भी कह सकते हैं। इनको अमर पसंद नहीं आता है। यह लोग हमेशा चाहते हैं देश में उन्माद फैलता रहे। औरंगाजेब के प्रयासों को हम भुला नहीं सकते हैं। औरंगजेब ऐसे सूफी शासक थे, जिसने खंडित भारत को, टुकड़े-टुकड़े में बंटे भारत को, अफगानिस्तान से लेकर बर्मा तक बंटे भारत को जोड़ा। भारत को महान बनाया। इतिहास के पन्नों को तोड़ मरोड़ कर पेश नहीं किया जाए। इस देश का संविधान इस देश के उन्मादी बयानबाजी को स्वीकार नहीं करता है। न्यायपालिका को इसपर संज्ञान लेना चाहिए। सपा विधायक अबू आजमी पर कार्रवाई गलत है। भाजपा वाले नफरत के सौदागर हैं। मैंने इतिहास में जो भी पढ़ा है, उसके हिसाब से औरंगजेब इंसाफ पसंद, समाजसेवी, हिन्दू-मुस्लिम नफरत को मिटाने वाला और प्रेम रस घोलने वाले शासक थे। वहीं मंदिर तोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मंदिर को उन्होंने कभी नहीं तोड़ा यह बात गलत है। विधायक ईमान ने भी महाराष्ट्र में सपा विधायक अबू आजमी के बयान का समर्थन किया है। 
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"औरंगजेब ने कई मंदिर बनवाए...औरंगजेब क्रूर नहीं था"
दरअसल, तीन मार्च को महाराष्ट्र विधानसभा में आजमी ने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए कहा था, 'सारा गलत इतिहास दिखाया जा रहा है। औरंगजेब ने कई मंदिर बनवाए...औरंगजेब क्रूर नहीं था।' एक समाचार चैनल के साथ इंटरव्यू में सपा नेता ने कहा था, 'मैंने औरंगजेब के बारे में जितना पढ़ा है, उसने कभी भी जनता का पैसा अपने लिए नहीं लिया, उसका शासन बर्मा (वर्तमान म्यांमार) तक फैला हुआ था, उस समय देश को सोने की चिड़िया कहा जाता था।' उन्होंने कहा था कि मुझे लगता है कि वह एक महान प्रशासक थे, उसकी सेना में कई हिंदू कमांडर थे। इधर, औरंगजेब की तारीफ करने के बाद महाराष्ट्र के सपा विधायक अबू आजमी को पूरे बजट सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया है।

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