फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar Police: युवक को पीटने पर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, एएसआई और महिला सिपाही सस्पेंड; कई पर प्राथमिकी दर्ज

Thu, 27 Feb 2025 11:43 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया

सार

Bihar Police: पुलिस के द्वारा निरीह लोगों पर वर्दी की हनक दिखाना कोई नयी बात नहीं है। लेकिन कभी कभी ऐसा करना पुलिस वालों पर उलटा भी पड़ जाता है। गुरूवार को एक युवक को पीटने पर एएसआई और महिला सिपाही सहित 5 पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। 
विज्ञापन
कटिहार एसपी और पीड़ित युवक - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कटिहार में पुलिस ने एक आदिवासी युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। मामला पोठिया थाना के सेमली प्रखंड अंतर्गत छोहाड़ पंचायत क्षेत्र का है। 

विज्ञापन


घटना के संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस ने गश्ती के दौरान एक आदिवासी युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। युवक दया की गुहार लगाता रहा लेकिन पुलिसकर्मी उसे पीटते रहे। बीते बुधवार (26 फरवरी) को सोशल मीडिया पर पिटाई का वीडियो वायरल होने लगा। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन की काफी किरकिरी होने लगी। वायरल वीडियो होने की वजह से इस बात की जानकारी पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा को भी हुई। एसपी ने अपने स्तर से मामले की जांच करवाई, जिसमें मामला सत्य पाया गया। अब एसपी ने उन सारे पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कर दी। इसके तहत पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा ने कार्रवाई करते हुए केदार प्रसाद यादव (स.अ.नि) और महिला सिपाही प्रीति कुमारी को निलंबित कर दिया है, जबकि गृहरक्षक सिकंदर राय और गृहरक्षक राजकिशोर महतो को एक साल के लिए कार्य से वंचित कर दिया। इसके अलावा, निजी चालक बमबम कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।


घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा ने बताया कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के तहत पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि पर इस तरह की घटनाओं का प्रभाव पड़ता है और इसलिए सख्त कार्रवाई की गई है। इस मामले में पूर्णिया प्रक्षेत्र के डीआईजी प्रमोद कुमार मंडल ने भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष नागरिक के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद से स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों में आक्रोश है। लोग दोषी पुलिसकर्मियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। हालांकि, एफआईआर और निलंबन के बावजूद स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


  

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें