दरभंगा के बहेड़ा थाना क्षेत्र में आत्महत्या करने वाली युवती के मामले में पुलिस ने गैंगरेप की आशंका को खारिज कर दिया है। पुलिस जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा पाया गया। मृतका की मां ने दस लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था, लेकिन जांच में पुष्टि नहीं हुई। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दरभंगा जिले के बहेड़ा थाना क्षेत्र में एक युवती द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है, जिसे पहले गैंगरेप से जोड़कर देखा जा रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही बहेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और FSL टीम को बुलाकर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
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मृतका की मां ने 24 मार्च को बहेड़ा थाना में दर्ज प्राथमिकी (संख्या 110/25) में बताया था कि 15 मार्च की शाम उसकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। मामले में दस लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
हालांकि अब चार महीने बाद दरभंगा ग्रामीण एसपी आलोक ने मामले में बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि यह गैंगरेप का मामला नहीं था। पुलिस जांच में पाया गया कि युवती और एक युवक के बीच प्रेम संबंध थे और उसी संबंध के तहत 15 मार्च की शाम घटना हुई थी। जांच में किसी भी प्रकार के सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है।
युवती की आत्महत्या के संबंध में उसकी चाची ने बताया कि वह मां के साथ मंदिर गई थी। जब परिजन लौटे तो उन्होंने युवती को फांसी से लटका पाया।
पहले दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि दुर्गेश पासवान ने युवती को बहला-फुसलाकर गाछी में ले गया, जहां पहले से मौजूद सुमित पासवान समेत अन्य नौ लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही आरोप था कि घटना का वीडियो बनाकर उसे धमकाया गया कि उसे बार-बार बुलाया जाएगा। लेकिन पुलिस जांच में ये सारे आरोप प्रमाणित नहीं हुए। एसपी आलोक ने स्पष्ट किया कि घटना प्रेम-प्रसंग का हिस्सा थी और इसमें तीन लोगों की भूमिका पाई गई, जिन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है। गैंगरेप जैसी कोई घटना इस मामले में सामने नहीं आई है।