Bihar : बिहार में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन होने वाला है, जिसमें दिल्ली और गोवा को छोड़कर 28 राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष, 6 विधानसभा परिषद के सभापति और केंद्र शासित प्रदेशों के स्पीकर सहित कुल 264 अतिथि इसमें शामिल होंगे।
बिहार विधानसभा में 43 साल बाद अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन होने जा रहा है। इसका आयोजन 20 और 21 जनवरी को पटना में होगा, जिसमें देश के 28 राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष, 6 विधानसभा परिषद के सभापति और केंद्र शासित प्रदेशों के स्पीकर सहित कुल 264 अतिथि इसमें शामिल होंगे। इस बात की जानकारी बिहार विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि इस सम्मलेन में दिल्ली और गोवा को छोड़कर सभी राज्यों के पीठासीन अधिकारी शामिल होंगें।
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दो दिनों के इस कार्यक्रम में जानिए क्या क्या होंगे
इस संबंध में विशेष रूप से जानकारी देते हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने बताया कि 20 जनवरी को लगभग 12 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उद्घाटन सत्र होगा। फिर दोपहर 2 बजे से पहला सत्र शुरू होगा, जिसमें सभी तरह की जानकारियों का आदान-प्रदान किया जाएगा। दूसरे दिन का सत्र 21 जनवरी को सुबह 10 बजे शुरू होगा। विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने बताया कि समापन सत्र के बाद सभी अतिथि पटना के प्रमुख पर्यटन स्थलों का, जैसे बोध गया, राजगीर सहित अन्य स्थलों का भ्रमण करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने बताया कि आरंभिक सत्र सेन्ट्रल हॉल में होगा, जबकि विमर्श सत्र सभा वेश्म में होगा। इस कार्यक्रम के दौरान ‘संविधान की 75वीं वर्षगांठ: संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने में संसद और राज्य विधानसभाओं का योगदान’ विषय पर चर्चा भी की जाएगी।
कौन कहां से आ रहे बिहार
इस संबंध में जानकारी देते हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने बताया कि अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में 54 अधिकारी हैं, जिसमें 6 महिलाएं हैं। त्रिपुरा से एक महिला मुख्य सचेतक भी इस कार्यक्रम में शामिल हो रही हैं। इस कार्यक्रम में 31 सचिव शामिल हो रहे हैं जिसमें 5 महिलाएं हैं। 108 एकॉम्पेनिंग अधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।