एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी
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पिछले दो दिनों से कई वीडियो वायरल हो रहे थे कि राष्ट्रीय जनता दल ने मुसलमानों को ठगा है, इसलिए असदुद्दीन ओवैसी ही असल हितैषी हैं। अब ओवैसी की पार्टी ने ही महागठबंधन में जाने की इच्छा जताकर एक तरफ बड़ा उलटफेर कर दिया है तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को अचानक ज्यादा परेशान कर दिया है। पिछली बार ओवैसी की पार्टी के पांच विधायक बने थे, लेकिन उनमें से चार को तेजस्वी यादव अपने साथ ले गए थे। ओवैसी ने इसे 'चोरी' करार देते हुए इसका खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहने की बात कही थी। लेकिन, अब ओवैसी की पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ वोटों के बंटवारे को रोकने की बात करते हुए महागठबंधन में जाने के लिए सभी घटक दलों को चिट्ठी लिख दी है।
'अमर उजाला' से बातचीत में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष और इकलौते विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा कि सत्ता के खिलाफ वोटों का बंटवारा रोकना जरूरी है। इसी जरूरत को समझते हुए और भारतीय जनता पार्टी को बिहार में रोकने के लिए पार्टी ने महागठबंधन के सभी दलों के सामने लिखित प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले अलग-अलग बात हो रही थी, लेकिन कहीं-न-कहीं संशय रह जा रहा था, इसलिए महागठबंधन के सभी घटक दलों को लिखित तौर पर AIMIM की ओर से प्रस्ताव दिया गया है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के खिलाफ एकजुटता में उसे साथ कर लिया जाए। उन्होंने सीट शेयर पर अभी कोई बात नहीं होने की जानकारी देते हुए कहा कि जब महागठबंधन में प्रवेश हो जाएगा तो इसपर भी ससम्मान बात हो जाएगी, क्योंकि पार्टी का बिहार के अच्छा जनाधार है।