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Akash Deep : झारखंड में हुआ खेल और खुशी बिहार के इस गांव ने मनाई, अपने आकाश दीप का क्रिकेट देख काटा केक

Sat, 24 Feb 2024 12:28 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतास

सार

Bihar News : बिहार का आकाश जब झारखंड में चमका तो दुनिया ने देखा। झारखंड में खेल हो रहा था और बिहार के इस गांव में लोग टीवी पर नजरें जमाए बैठे थे। आकाश दीप का परफॉर्मेंस देख खुशी में लोग उछलने लगे।
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आकाश दीप की सफलता की खुशी में काटे गए केके। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के आकाश दीप आज पूरे देश में सुर्खियों में हैं। अपने पहले ही टेस्ट मैच की पहली पारी इंग्लिश टीम के टॉप तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेज गए आकाश दीप छा गए। उनके इस शानदार परफॉर्मेंस देख खुशी में लोग उछलने लगे। एक के बाद एक तीन विकेट लेकर इंग्लैंड को बैकफुट पर लाने वाले आकाश के गांव (रोहतास के बड्डी गांव) में जश्न का माहौल है। आकाश की इस सफलता का जश्न केवल उनके गांव ही नहीं बल्कि पूरे रोहतास में मनाया जा रहा है। लोगों ने केक काटकर खुशियां मनाईं। 

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रोहतास ही नहीं पूरे बिहार के लिए यह गर्व की बात
वहीं रोहतास स्थित क्रिकेट अकादमी में आकाश दीप की सफलता को लेकर काफी उत्साह है। यहां भी खिलाड़ियों ने आकाशदीप के चयन पर केक काटकर खुशियां मनाई। पहले दिन की तरह दूसरे दिन दिन यानी कि आज भी क्रिकेट अकादमी के सभी खिलाड़ी टीवी स्क्रीन के सामने बैठकर मैच देख रहे। आकाश जैसे ही गेंदबाजी के लिए आते तो सभी जोर-जोर से चिल्लाने लगते। क्रिकेट अकादमी के कोच और खिलाड़ियों का कहना है कि रोहतास के लाल आकाश दीप को भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने जब टेस्ट कैप दिया तो सभी खुशी से झूम उठे। खासकर तब जब टेस्ट कैप मिलने के बाद जब आकाश ने अपनी मां का पैर छूकर आशीर्वाद लिया तो ऐसा लगा कि आज भी वही आकाश है। रोहतास ही नहीं पूरे बिहार के लिए यह गर्व की बात है। 

पिता और भाई की मौत ने आकाश को झकझोर दिया था
आकाश दीप को करीब से जानने वाले कहते हैं कि आकाश के भारतीय टीम में शामिल होने का सफर आसान नहीं था। उसने काफी संघर्ष किया है। एक समय ऐसा भी आया जब आकाश को घर चलाने के लिए क्रिकेट से दूरी बनानी पड़ी। आकाश के पिता रामजी सिंह चाहते थे कि आकाश नौकरी करे। इसी क्रम में आकाश नौकरी की तलाश में दुर्गापुर गए। वहां पार्टी टाइम जॉब के साथ क्रिकेट अकादमी ज्वाइन कर ली। सबकुछ ठीक चल रहा था लेकिन अचानक आकाश के पिता का निधन हो गया। आकाश वापस आ गए। पिता की कमी खल ही रही थी कि अचानक बड़े भाई ने भी अलविदा कर दिया। करीब दो महीने में पिता और भाई के निधन ने आकाश को झकझोर दिया। अब परिवार के जिम्मेदारी आकाश के कंधों पर आ गई। तीन साल तक आकाश ने परिवार को संभाला फिर क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। 2019 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था। 2020 में आकाश को आईपीएल में बेंगलुरु ने खरीदा। इसके बाद आकाश ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 

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