मुजफ्फरपुर केस में विपक्ष लगातार नीतीश सरकार से जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और बसपा प्रमुख मायावती समेत विपक्ष के कई बड़े नेता इस मामले को लेकर सरकार पर लगातार पर हमला बोल रहे हैं।
मुजफ्फरपुर में दुष्कर्म पीड़िता बच्ची की मौत मामले में नीतीश सरकार ने दो-दो बड़े अस्पताल प्रबंधन की गलती मानी है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के बाद पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक और श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मुजफ्फरपुर की अधीक्षक को हटा दिया गया है। दोनों पर अपने काम में लापरवाही बरतने का आरोप है। स्वास्थ्य विभाग की विशेष कार्य पदाधिकारी रेणु कुमारी की ओर से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की मौत का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच चल रही है। अब तक की जांच में पता चला कि एसकेएमसीएच अस्पताल रेफरल पॉलिसी का अनुपालन नहीं किया गया। और, अपने कर्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया गया। इतना ही नहीं पीड़िता के इलाज में भी घोर संवेदनशीलता बरती गई। इस कारण एसकेएमसीएच की अधीक्षक डॉ. कुमारी बिभा को बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2005 के नियम नौ के संगत प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में डॉ. कुमारी बिभा का मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग, पटना निर्धारित किया जाता है।
पीएमसीएच के प्रभारी उपाधीक्षक भी निलंबित
वहीं पीएमसीएच के प्रभारी उपाधीक्षक के बारे में बताया गया कि जांच में यह पाया गया कि प्रभारी उपाधीक्षक ने अपने कर्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया। यह उनकी प्रशासनिक विफलता का परियाचक है। इसी कहा कि पीएमसीएच के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. अभिजीत सिंह को तत्काल पद मुक्त किया जाता है।