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Bihar News: बिहार के इस गांव में 300 लोगों से आठ करोड़ की ठगी; जानिए कैसे एक परिवार ने सैकड़ों को लगाया चूना

Tue, 17 Sep 2024 05:26 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतास

सार

ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये का कर्ज हमलोग कैसे चुकाएंगे, समझ में नहीं आ रहा है। बैंक वाले कभी भी दरवाजे पर आकर लोग का पैसा मांगने लगे हैं। धमकाते हैं। पुलिस-प्रशासन से अपील है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करे। 
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ठगी के शिकार हुए ग्रामीणों ने लगाई गुहार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के रोहतास जिले मोथा गांव से ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक शातिर परिवार ने गांव के करीब 300 लोगों से आठ करोड़ रुपये ठग लिया। जब बैंक ने इन ग्रामीणों को नोटिस भेजी तो वह हैरान रह गए। आरोपी परिवार के पास गए लेकिन उनके घर पर ताला लगा था। पता चला कि पूरा परिवार फरार हो चुका है। अब लोगों ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस आरोपी परिवार की तलाश में जुट गई है। घटना काराकाट प्रखंड के मोथा गांव की है। आइए जानते हैं कैसे एक ठग परिवार ने 300 लोगों को चूना लगा दिया। 

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घर पर ताला लगाकर पूरा परिवार रफ्फूचक्कर
काराकाट थानाध्यक्ष फूलदेव चौधरी ने बताया कि मोथा गांव के सैकड़ों लोगों ने अपने गांव के ही एक परिवार पर ठगी का आरोप लगाया है। आरोप है कि लोगों के नाम पर लोन निकाल कर थोड़े पैसे की लालच देकर बाकी की रुपये अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवाता था। पिछले कुछ महीनों से घर पर ताला लगाकर पूरा परिवार रफ्फूचक्कर हो गया। पीड़ितों की लिखित शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों में मोथा गांव के रहने वाले शिवकुमार साह उनकी पत्नी रमावती देवी, पुत्र राजू गुप्ता, पुत्रबधु नीलम देवी व नाती संजीत राज उर्फ प्रिंस कुमार, चाचा अरविन्द कुमार, चाची ममता देवी, सतेन्द्र कुमार गुप्ता शामिल हैं। इतना ही नहीं 12 बैंकों के मैनेजर पर भी मिली भगत का आरोप है। इनकी तलाश चल रही है। अगर आरोपी जल्द सामने आए तो उनके संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी। 

पहले विश्वास जीता फिर शुरू किया ठगी का खेल
ग्रामीधों का कहना है कि पिछले करीब दस वर्षो से आरोपी परिवार लोगों के नाम पर लोन निकालता व जमा करता था। परिवार ने जब लोगों के विश्वास पूरी तरह जीत लिया तो सारे पैसे लेकर रफ्फूचक्कर हो गया। दरअसल, मोथा गांव निवासी राजू गुप्ता की पत्नी नीलम देवी एक फाइनेंस बैंक के बिक्रमगंज ब्रांच में एक कर्मचारी के रूप में कार्य करती थी। वह अपने गांव के निजी मकान में एक बैंक की एक शाखा चलाती थी। इसमें उसके परिवार के सदस्य काम करते थे। मोथा गांव निवासी पन्ना देवी ने कहा कि उसके नाम पर पांच अलग-अलग बैंकों से लोन निकाला गया है। किसी बैंक से 55 हजार रुपया निकाला गया है, तो किसी बैंक से 70 हजार रुपया। जब भी लोन निकालना होता था तो ठग परिवार बैंक के मैनेजर के साथ दरवाजे पर आते थे। मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद चले जाते थे। लोन पास होने के बाद हमें एक या दो हजार रुपया दिया जाता था। वहीं चपरासी पासवान कहते हैगांव के संजीत कुमार उर्फ प्रिंस कुमार अंगूठा का निशान लेने के लिए एक मशीन रखता था। उनकी पत्नी मटरी देवी का भी मशीन पर अंगूठा का निशान लिया और तीन लाख रुपए का लोन अलग अलग बैंकों से निकाल लिया गया। 
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बैंक वाले घर आकर पैसा मांगते हैं, धमकाते भी हैं
इधर, माधुरी देवी ने बताया कि इस बड़े ठगी की मास्टरमाइंड रामवती देवी है। जो बहुत पहले से ही गांव में एक महिला समूह चलाती थी। ठगी के बाद से वह अपने परिवार के साथ फरार है। ठगी के शिकार लोगों में महिलाएं और किसानों की संख्या सबसे अधिक है। यह लोग काफी गरीब हैं। एक झोपड़ीनुमा घर है। उसी में किसी तरह जीवन काटते हैं। मजदूरी करके किसी तरह अपने परिवार की भरण-पोषण करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये का कर्ज हमलोग कैसे चुकाएंगे, समझ में नहीं आ रहा है। बैंक वाले कभी भी दरवाजे पर आकर लोग का पैसा मांगने लगे हैं। धमकाते हैं। पुलिस-प्रशासन से अपील है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करे। 

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