Bihar : किसी फिल्म में वह सीन आपने देखा होगा, जिसमें डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान कैंची या रुमाल पेट में ही छोड़ देते हैं। यह घटना अब रियल में देखने को मिला। एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने ऐसा ही कारनामा किया है, जिसने टेट्रा पेट में ही छोड़ दिया।
बिहार के जाने माने मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की ऐसी लापरवाही सामने आई है, जिस वजह से मरीज या तो किसी गंभीर बिमारी से पीड़ित हो जाता या फिर उसकी जान चली जाती। जी हां लापरवाह डॉक्टर ने ऑपरेशन करने के दौरान मरीज के पेट में टेट्रा (ऑपरेशन के दौरान ब्लड साफ करने वाला कपड़ा ) छोड़ दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद अस्पताल अधीक्षक बस जांच की बात कह रही हैं। मामला दरभंगा जिला के डीएमसीएच का है।
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फिल्मों की तरह रियल में की गई लापरवाही
पीड़ित परिवार जाले थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुर पश्चिमी निवासी शिवम ठाकुर की पत्नी अंजला कुमारी से जुड़ा है। घटना में संबंध में परिजनों का कहना है कि अंजला कुमारी का डीएमसीएच के गायनिक विभाग में 8 अक्टूबर को ऑपरेशन से पुत्र का जन्म हुआ था। ऑपरेशन के बाद 14 अक्टूबर को महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया। लेकिन महिला के पेट मे लगातार दर्द हो रहा था। उसका ऑपरेशन वाली जगह का घाव भी ठीक नहीं हो रहा था। फिर मरीज ने एक स्थानीय डॉक्टर से इसका इलाज कराने गई। डॉक्टर ने महिला मरीज की जांच की और जब उसने रिपोर्ट की जानकारी उसके परिजन को दी तो सुनकर सभी अवाक रह गये। उन्हें लगा कि डॉक्टर फिल्म कका कोई सीन बताकर उसके साथ मजाक कर रहे हैं लेकिन यह बात रील की नहीं बल्कि रियल थी। डॉक्टर ने फिर स्पष्ट रूप से कहा कि आपने जहां कहीं भी ऑपरेशन कराया है, वहां ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने टेट्रा (ऑपरेशन के दौरान ब्लड साफ करने वाला कपड़ा ) उसके पेट में ही छोड़ दिया है। यही वजह है कि न तो उसका घाव छूट रहा है और न ही उसके जख्म का दर्द ही ठीक हो रहा है।
अधीक्षक ने लापरवाह डॉक्टर पर कार्रवाई की नहीं की बात
मरीज के पेट में टेट्रा छूट जाने की जानकारी मिलते ही परिजनों के होश उड़ गये। लापरवाही से नाराज परिजन गुस्से में डीएमसीएच के अधीक्षक के पास पहुंचे और उनसे लापरवाह डॉक्टर की शिकायत की। कहने के लिए डीएमसीएच के अधीक्षक ने तत्काल मामले को गंभीरता पूर्वक संज्ञान में लिया और मरीज को उसके घर से लाकर इलाज करने का निर्देश अपने कर्मियों को दिया। अधीक्षक ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता मरीज का इलाज करना है, जिसका वह खुद मोनिटरिंग कर रही है। जिस लापरवाह डॉक्टर की लापरवाही से मरीज की जान जा सकती है उस पर कार्रवाई की बात उन्होंने नहीं की।
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परिजन ने डॉक्टर के लापरवाही का बनाया वीडियो
घटना में संबंध में परिजनों का कहना है कि शिवम ठाकुर की पत्नी अंजला कुमारी के पेट से रविवार की देर शाम इलाज के दौरान टेट्रा निकाला गया। उसने पूरी घटना की जानकारी देते हुए कहा कि 8 अक्टूबर को डीएमसीएच के गायनिक विभाग ऑपरेशन से उसे बेटा हुआ। 14 अक्टूबर को उसको अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। घर आने पर आपरेशन वाले भाग में दर्द होने लगा। धीरे-धीरे वह घाव बन गया। दवा खाने के बावजूद घाव सूखने का नाम नहीं ले रहा था। जब उसने अपनी पत्नी अंजला कुमारी का स्थानीय स्तर पर ऑपरेशन वाले भाग की ड्रेसिंग करवाई तो ऑपरेशनवाली जगह से सूती कपड़े का बना टेट्रा निकला। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के समय डॉक्टर टेट्रा से खून साफ करने का काम किया करते हैं। डॉक्टर द्वारा पेट से टेट्रा निकालने का उसने वीडियो भी बनाकर रखा है, जिसे वह प्रशासनिक अधिकारी को प्रमाण के तौर पर प्रस्तुत करेगा।
डीएमसीएच की अधीक्षक का ढुलमुल रवैया
इस संबंध में डीएमसीएच की अधीक्षकडॉ अलका झा का कहना है कि मेरे संज्ञान में भी यह मामला आया है। मैंने सबसे पहले मरीज के घर एम्बुलेंस भेजकर मरीज को डीएमसीएच मंगवाया है, जहां फिर से जांच की जा रही है। अभी मेरी पहली प्राथमिकता मरीज का सही से इलाज करवाना है, जिससे मरीज का इंफेक्सन नही फैले। क्योंकि मरीज के घाव में पस भी आ रहा है। उनका कहना है कि मैं खुद इस मामले को देख रही हूँ। मैं खुद वार्ड में जाकर मरीज से मिली हूँ। वहीं इलाज कर रहे डॉक्टर को भी उचित दिशा निर्देश दिया है। यह जांच का विषय है कि मरीज के साथ क्या हुआ था। अगर जरूरत पड़ी तो इस मामले की जांच कराई जाएगी।