अपराधियों ने स्कॉर्पियो पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की।
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मोतिहारी में गैंगस्टर मुकेश पाठक के राइट हैंड कहे जाने वाले ओम प्रकाश उर्फ बाबू साहेब (42) की दिनहड़ाड़े हत्या कर दी गई। वह अपने ड्राइवर समेत 3 लोगों के साथ शिवहर से मुजफ्फरपुर जा रहा था। इसी दौरान फेनहारा प्रखंड के इजोरबारा गांव में अपराधी ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। अपराधियों ने स्कॉर्पियो पर दो दर्जन राउंड गोलीबारी की। इसमें बाबू साहेब की मौके पर ही मौत हो गई। गोलीबारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। इधर, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन में जुट गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने स्कॉपियो को जब्त कर लिया।
आपसी रंजिश में हत्या, स्कॉर्पियो में 3 लोग बाल-बाल बच गए
SP कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि आपसी रंजिश में हत्या की बात सामने आ रही है। स्कॉर्पियो सवार पर गोलीबारी की गई। इसमें एक की मौत हो गई। मरने वाला जेल में बंद गैंगस्टर मुकेश पाठक का राइट हैंड बताया जा रहा है। गोलीबारी में 3 लोग बच गए। कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को घटनास्थल से 15 खोखे बरामद हुए। मरने वाले की पहचान शिवहर के लक्ष्मीनिया निवासी ओम प्रकाश उर्फ बाबू साहेब के रूप में हुई है। अपराधियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
गोलीबारी के बाद लगी भीड़।
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बाबू साहेब जेल में बंद कुख्यात मुकेश पाठक का राइट हैंड था
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि गाड़ी में चार लोग सवार थे। इसमें से एक केवल ओम प्रकाश उर्फ बाबू साहेब को ही गोली लगी है। बाबू साहेब जेल में बंद कुख्यात मुकेश पाठक का राइट हैंड था। जेल जाने के बाद से मुकेश पाठक का सारा काम बाबू साहेब ही संभाल रहा था। शनिवार सुबह वह अपनी मां से मिलने हॉस्पिटल जा रहा था। उसकी मां का मुजफ्फरपुर के ही हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। मां से मिलने के बाद वह यूपी निकलने वाला था। बाबू साहेब बिजली विभाग में टेंडर लेता था। लोग उसे बिजली विभाग के ठेकेदार के रूप में जानते थे। इसी दौरान पूर्व से घात लगाए अपराधियों ने गोलियों से भून डाला। प्रतीत होता है कि आपसी रंजिश में ही बाबू साहब की हत्या कर दी गई है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले और आरोपियों की गिरफ्तारी करे।
ओमप्रकाश की फाइल फोटो।
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जानिए, गैंगस्टर मुकेश पाठक के क्लोज कैसे आया बाबू साहेब
सूत्रों की मानें तो शिवहर जिला के लक्ष्मीनिया का ओम प्रकाश उर्फ बाबू साहेब पर साल 2011 में अपनी पत्नी की हत्या करने का आरोप लगा था। उसके ससुराल वालों ने इस मामले में केस किया था। 2013 में पत्नी की हत्या के आरोप में सीतामढ़ी जेल गया था। यहीं उसकी मुलाकात संतोष झा और मुकेश पाठक से हई। उस समय मुकेश पाठक, संतोष झा के लिए काम करता था। संतोष झा की हत्या के बाद ओम प्रकाश मुकेश पाठक के साथ आ गया। बाबू साहेब जब जेल से बाहर निकला वह मुकेश पाठक के बिजली के ठेकेदारी समेत कई काम देखने लगा।