बिहार में कक्षा एक से लेकर आठ में पढ़नेवाले 83 प्रतिशत बच्चे पढ़ाई पूरी करने से पहले ही स्कूल छोड़ देते हैं। इसकी जानकारी राज्य सरकार ने विधान परिषद में दी।
विधान परिषद में शुक्रवार को जनतादल यूनाईटेड के सदस्य विनोद कुमार सिंह के प्रश्न के जवाब में शिक्षामंत्री पीके शाही ने बताया कि राज्य में कक्षा एक से लेकर आठ के बीच पढ़ाई पूरी होने से पहले स्कूल छोड़ने की दर सबसे अधिक है।
उन्होंने बताया कि डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (डाइस) के अनुसार 2011-12 में कक्षा एक से पांच तक ड्रॉपआउट रेट 40.9 प्रतिशत और छह से आठ कक्षा में 11.2 प्रतिशत है, जबकि कक्षा नौ से 10 के बीच पढ़ाई पूरी होने से पहले 10 प्रतिशत बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं।
बच्चों को स्कूल छोड़ने से रोकने के संबंध में शिक्षामंत्री ने बताया कि सरकार इसके लिए कई प्रयास कर रही है। इनमें अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति, शिक्षकों के लिए बेहतर प्रशिक्षण, मिड-मील स्कीम, किताबों का निशुल्क वितरण और अनुसूचित जाति व जनजाति के विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप देना शामिल है।