फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भीड़ हिंसा: बिहार में तीन बदमाशों की पीट-पीटकर हत्या, छात्रा को अगवा करने पहुंचे थे

Fri, 07 Sep 2018 04:43 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगुसराय
विज्ञापन
विज्ञापन

देश में भीड़ हिंसा की बढ़ती घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही। ताजा मामला बिहार के बेगुसराय का है। यहां बेकाबू भीड़ ने अपहरण के शक में शुक्रवार को तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया।

विज्ञापन


जिले के छौराही थाना क्षेत्र के पंसल्ला गांव स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में तीन बदमाश हथियारों के साथ एक छात्रा का अपहरण करने पहुंचे थे। स्कूल के प्रधानाचार्य ने इसका विरोध भी किया और बदमाशों की उसने हाथापाई हुई और विद्यालय परिसर में हल्ला मच गया।

जिसके बाद बदमाशों को ग्रामीणों ने चौतरफा घेर लिया। भीड़ के आगे हथियार से लैस अपराधियों की भी एक न चली। और तीनों को भीड़ ने जमकर पीटा। जिसमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो बदमाशों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को दी चेतावनी

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आज ही भीड़ हिंसा पर राज्यों को सख्त चेतावनी दी है। कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई की 29 राज्यों तथा सात केंद्र शासित प्रदेशों में से केवल 11 ने भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या और गोरक्षा के नाम पर हिंसा जैसे मामलों में कदम उठाने के शीर्ष अदालत के आदेश के अनुपालन के बारे में रिपोर्ट पेश की है। 

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति एएम खानविलकर तथा न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने ऐसा नहीं करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को रिपोर्ट पेश करने का अंतिम अवसर देते हुए चेतावनी दी कि यदि उन्होंने एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश नहीं की तो उनके गृह सचिवों को न्यायालय में व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होना पड़ेगा।
 
वहीं शीर्ष अदालत ने 17 जुलाई को कहा था कि 'भीड़तंत्र की भयावह हरकतों' को कानून पर हावी नहीं होने दिया जा सकता। इसके साथ ही गोरक्षा के नाम पर हिंसा और भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के मामलों में कई दिशा-निर्देश जारी किए थे। न्यायालय ने सरकार से कहा था कि इस तरह की घटनाओं से सख्ती से निबटने के लिये वह नया कानून बनाने पर विचार करे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें