बिहार के सारण जिले की एक ग्राम पंचायत ने एक जाति विशेष के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में पांच युवकों को 11 महीने के लिए बाहर कर दिया है। युवक को दोषी पाये जाने पर पंचायत सदस्यों ने सिर पर जूते लिये गांव में घुमाया, फिर माफी मंगवाई और गांव से 11 माह तक ताड़ीपार (बाहरी) रहने का आदेश भी दिया। घटना मंगलवार को गरखा थाना अंतर्गत मीठेपुर पंचायत की है। जानकारी के मुताबिक यहां एक विशेष जाति का प्रभुत्व है और पंचायत सदस्य भी इससे संबंधित हैं।
युवकों पर जातिसूचक गाली देने का आरोप
वहीं कुछ दिन पहले फेसबुक पर लाइव आने के बाद युवकों पर जातिसूचक गाली देने का आरोप लगा था। मंगलवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने पांचों को पकड़कर पंचायत की बैठक बुलायी। पंचायत के आदेश के अनुसार युवकों को दोषी करार देकर सिर पर जूते रखवाकर गांव में घुमाया गया।
बयान दर्ज किया जा रहा: एसएचओ
संपर्क करने पर, गरखा पुलिस स्टेशन के एसएचओ आरएस रावत ने कहा कि हमने युवकों के परिवारों के बयान दर्ज करने के लिए पुलिस को गांव भेजा है। हमने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के आधार पर प्राथमिकी भी दर्ज की है। फिलहाल जांच चल रही है।
माफी मांगने के बावजूद दी गई सजा
युवकों का कहना है कि हमने अपनी गलती की माफी भी मांग ली फिर भी हमारे सिर पर जूता रखवाकर घुमाया गया। यहां तक कि हमें गांव से 11 महीने के लिए निकाल भी दिया गया है।