भारत मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. महापात्र (मध्य में)
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बिहार में विभिन्न तरह के आपदाएं देखने को मिलते हैं
भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि बिहार में विभिन्न तरह के आपदाएं देखने को मिलते हैं। हमलोग पिछले पांच साल में 40 फीसदी सरकता के साथ इसकी भविष्यवाणी कर रहे हैं। हमलोग का लक्ष्य इसे और आगे बढ़ाना है। बिहार में दो तरह की बाढ़ आती है। एक बारिश से और दूसरा नेपाल से। हमलोग सैटेलाइट में जरिए इसके पूर्वानुमान की कोशिश करते हैं। जल्द ही एक डॉप्लर रडार पूर्णिया और एक दरभंगा में लगने वाला हा। इसके अलावा मालदा और वाराणसी में भी डॉप्लर रडार लगाने जा रहा है। इससे बिहार मौसम विभाग को काफी फायदा मिलेगा।
मौसम सेवाओं की अहमियत के बारे में जानकारी दी
मौसम विभाग की मानें तो इस आयोजन का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख भागीदारों को एकत्रित करना था। जिसमें सरकारी एजेंसियां, कृषि, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और अन्य संबंधित क्षेत्र शामिल थे। विमानन संचालन में मौसम सेवाओं की भूमिका विशाल रंजन, डीजीएम (एटीएम), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, पटना ने विमानन संचालन में मौसम सेवाओं की अहमियत के बारे में जानकारी दी। क्षेत्रीय सहयोग में मजबूतीः कार्यशाला ने भारत मौसम विज्ञान विभाग, बिहार सरकार, कृषि, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और अन्य क्षेत्रों के प्रमुख भागीदारों के बीच सहयोग को मजबूत किया, ताकि बेहतर क्षेत्रीय विकास के लिए मौसम और जलवायु सेवाओं में सुधार किया जा सके। कार्यक्रम में राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र, नई दिल्ली, प्रमुख डॉ. राजेंद्र कुमार जेनामणिः श्री नीरज नरायन, भारतीय वन सेवा, सदस्य सचिव बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिहार सरकार एवं मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के प्रमुख श्री आशीष कुमार भी उपस्थित थे।