देश में आरक्षण की लड़ाई और संकीर्ण होती जा रही है। गुजरातों में पाटीदारों के आरक्षण के बाद अब बिहार में सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों के लिए 80 फीसदी आरक्षण की मांग होने लगी है। खास बात ये है कि यह मांग और कोई नहीं सरकार में साझीदार और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने उठाई है।
आरक्षण पर होड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लालू जहां स्थानीय स्तर पर आरक्षण की मांग कर रहे हैं वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देशभर में न्यायिक व्यवस्था और प्राइवेट सेक्टर में दलितों के लिए आरक्षण की मांग कर रहे हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार लालू ने पटना में एक कार्यक्रम के दौरान बुधवार को बिहार सरकार से मांग की कि वह अपनी आरक्षण नीति में तत्काल बदलाव कर हर स्तर की सरकारी नौकरी में स्थानीय लोगों के लिए कम से कम 80 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था करे।