ज्याेति बाला के परिवार वालों के अनुसार, शादी के कुछ दिन बाद से ही पति और ससुराल वाले ज्योति को प्रताड़ित करने लगे थे। ससुराल वालों के कहने पर पति विमल भी उससे बात नहीं करता था।पिछले साल पहले जब ज्योति गर्भवती थी, तो विमल यह बच्चा नहीं चाहता था। गर्भवती होने के बाद से वह गर्भपात कराना चाहता था और ज्योति पर दबाव बना रहा था। इस प्रताड़ना के बीच ज्योति अपने मायके आ गई और तीन महीने पहले एक बेटे को जन्म दिया।
गर्भवती होने के बाद से अपने ससुराल वालों की प्रताड़ना सहते-सहते ज्योति बहुत ज्यादा तनाव में रहने लगी थी। कुछ दिन पहले ज्योति को महाराष्ट्र में रहने वाली उसकी बहन अपने साथ ले गई थी, ताकि उसका मन थोड़ा बहल जाए। बहन को क्या पता था कि ज्योति इतना बड़ा और घातक कदम उठा लेगी।
ज्योति पढ़ने में काफी तेज थी और अपने बूते उसने प्रतियोगी परीक्षा में बाजी मारी थी। द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी में जॉब लगने के बाद वह विभागीय परीक्षा देती रही और उसका प्रमोशन होता रहा। वह कंपनी में प्रशासनिक पदाधिकारी थी। उसकी मौत से परिवार के लोगों के अलावा उसके साथ काम करने वाले सहकर्मी भी दुखी हैं।