बिहार में एक कलयुगी बेटे ने अपने ही पिता की धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी और खुद को मुखिया के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। फिर मुखिया ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पूछने पर जब उसने हत्या की वजह बताई तो हर कोई हैरान रह गया।
घटना सुपौल जिले के राजेश्वरी ओपी क्षेत्र की है जहां ग्वालपाड़ा में एक पुत्र ने चंद रुपयों के लिए अपने ही पिता को धारदार हथियार से काटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान वशिष्ठ मेहता (65) के रूप में की गई है। परिजनों का कहना है कि वशिष्ठ मेहता गांव में ही पड़ोसी से दूध लेकर घर लौट रहे थे तभी बौंचाहा चौक के समीप रास्ते में ही उसके मंझले पुत्र अजय मेहता ने उसे घेर लिया और धारदार दबिया से उसने दनादन उनके सिर और गर्दन पर हमला कर वशिष्ठ मेहता के मौत के घाट उतार दिए। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी पुत्र अजय अपने पिता पर तबतक हमला करता रहा जबतक उसके पिता की मौत नहीं हो गई।
खुद को किया आत्मसमर्पण
घटना के बाद आरोपी पुत्र अजय मेहता ने मुखिया के घर पर जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। फिर मुखिया ने अजय मेहता को पुलिस के हवाले कर दिया। उसके पास के पुलिस ने घटना प्रयुक्त धारदार दबिया भी बरामद किया है।
दो बीघा जमीन और बेटी की शादी बनी हत्या की वजह
घटना के संबंध में थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि आरोपी पुत्र अजय मेहता ने पुलिस के सामने यह बयान दिया कि मेरे पिता वशिष्ठ मेहता ने एक जमीन बेचीं थी। मुझे अपनी बेटी की शादी करनी थी। अजय मेहता ने अपने पिता से कहा कि आप या तो दो बीघा जमीन को हम तीन भाईयों में बांट दीजिये ताकि मैं उसे बेचकर अपनी बेटी की शादी कर सकूं या फिर आपने जो जमीन बेचा है उसमें से 50 हजार रुपया मुझे दे दीजिये ताकि मुझे अपनी बेटी की शादी में थोड़ी बहुत मदद मिल जायेगी। लेकिन उसके पिता वशिष्ठ मेहता इसके किसी बात पर सहमत नहीं थे। इसी वजह से गुस्से में आकर मैंने अपने पिता वशिष्ठ मेहता की हत्या कर दी।