दिसंबर 2017 में उत्तरी बिहार में एक ऐसा भूकंप आएगा जिससे जान माल की इतनी हानि होगी जिसकी भरपाई नहीं हो पाएगी। इस भूकंप की तीव्रता करीब इतनी होगी जितनी 1934 में आए भूकंप की थी।
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक मोतीहारी के एक स्कूल टीचर उमेश प्रसाद वर्मा ने अपनी रिसर्च के आधार पर ये भविष्यवाणी की है। उनका कहना है कि रिएक्टर स्केल पर सात या उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आ सकता है।
वर्मा ने इससे पहले भी करीब एक दर्जन भूकंपों की भविष्यवाणी की है और उनकी भविष्यवाणियों ने दुनिया भर के भूकंपविज्ञानियों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है।
वर्मा बताते हैं कि नासा के वैज्ञानिकों के मुताबिक दिसंबर 2017 में बड़े खगोलीय परिवर्तन होंगे जिसका असर धरती के जिस हिस्से पर पड़ेगा उसमें उत्तरी बिहार भी शामिल है।
वर्मा को हाल ही में सीएम नीतीश कुमार के द्वारा बिहार स्टेट इनोवेटिव काउंसिल का सदस्य मनोनीत किया गया है।
वे बताते हैं कि यूं तो कई तरह से भूकंप की भविष्यवाणी की जाती है लेकिन उन सबसे कम सफलता ही मिल पाती है। लेकिन वर्मा ने एक तकनीक विकसित की है जिससे भूकंप की सटीक भविष्यवाणी करना संभव हो पाता है।
उसकी इस तकनीक को इंटरनेश्नल जर्नल ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग में छापा गया है। उनके बारे में कई अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में भी छप चुका है।
पिछले महीने ही उन्होंने भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में भूकंप की भविष्यवाणी की थी जो सभी सही साबित हुईं।