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Bihar Hooch Tragedy : मुख्यमंत्री राहत कोष से किसे-कैसे मिलेगी 4 लाख की मदद; जानिए, क्या करना पड़ेगा

Tue, 18 Apr 2023 06:01 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार में शराबबंदी के बाद जहरीली शराब से हो रही मौत पर मुआवजा देने का एलान कर दिया गया है। जहरीली शराब से मरने वालों के परिवार को 4 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जाएगी। अब सवाल यह उठ रहे हैं 4 लाख रुपये की मदद पीड़ित परिवार को मिलेगा कैसे?
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जहरीली शराब से मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में शराबबंदी के बाद जहरीली शराब से हो रही मौत पर मुआवजा देने का एलान कर दिया गया है। जहरीली शराब से मरने वालों के परिवार को 4 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जाएगी। अब सवाल यह उठ रहे हैं कि 4 लाख रुपये की मदद पीड़ित परिवार को मिलेगा कैसे? मरने वाले कई ऐसे भी हैं, जिनका न तो पोस्टमार्टम हुआ और न ही सरकारी लिस्ट में नाम दर्ज है। NCRB के डाटा में 2016 से 2021 तक महज 23 मौतें दिखाई गई थी। 2016 में छह, 2017 में कोई नहीं, 2018 में कोई नहीं, 2019 में नौ, 2020 में छह और 2021 में दो मौतें जहरीली शराब से हुई थीं। इधर, जमीनी हकीकत कुछ और ही आंकड़ें पेश कर रही। इसमें पाया गया कि 2016 से 2021 तक जहरीली शराबकांड के 20 मामले सामने आए। इसमें करीब 200 से अधिक लोगों ने जान गंवाई। अब ऐसे में सरकार कितने परिवारों को 4 लाख रुपये की मदद देगी? इसके लिए क्या करना होगा? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एलान के बाद मुख्य सचिव आमिर सुबहानी और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव केके पाठक ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने इस मामले को लेकर कई सवालों के जवाब दिए, आइए जानते हैं...
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जहरीली शराब से मौत पर दी जाने वाली राहत राशि के संबंध में बताते बिहार सरकार के वरीय अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
सवाल- जहरीली शराब के कई सालों से लोगों की मौत हो रही है, ऐसे में किस साल से मरने वालों के आश्रितों को यह राहत राशि दी जाएगी?
  • बिहार सरकार - एक अप्रैल 2016 के बाद जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वाले के आश्रितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 4 लाख की मदद की जाएगी।
सवाल - मरने वाले के आश्रितों को राहत राशि पाने के लिए क्या- क्या करना होगा?
  • बिहार सरकार - जिस परिवार का कोई मरा है उस परिवार के लोग साफ तौर पर ये बता दें कि ये हमारे परिवार के सदस्य हैं और इन्होंने कहां से शराब खरीदी और पी थी? ये सब लिखित रूप में जिलाधिकारी के यहां भेजना होगा। इसके बाद जिलाधिकरी अपने स्तर से जांच करेंगे। सत्यापन के बाद 4 लाख की राशि प्रदान की जाएगी।
सवाल - मरने वालों में कई ऐसे भी हैं, जिनका पोस्टमार्टम अब तक नहीं करवाया गया, क्या उन्हें राहत राशि मिलेगी?
  • बिहार सरकार- 1 अप्रैल 2016 से 16 अप्रैल 2023 तक जहरीली शराब से हुई मौतों में अगर पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है तो वह भी आवेदन दे सकते हैं। 17 अप्रैल 2023 से जिसकी भी मौत जहरीली शराब पीने से हुई, उसका पोस्टमार्टम रिपोर्ट आवेदन के साथ देना अनिवार्य होगा। 
सवाल - ऐसे में तो कई लोग इसका गलत फायदा उठाएंगे, फर्जीवाड़ा होने का भी खतरा होगा
  • बिहार सरकार फर्जीवाड़ा रोकने के पुलिस द्वारा छानबीन की जाएगी। यह नया प्रावधान बनाया गया है। जिलाधिकारी अपने स्तर पर छानबीन करेंगे। इसके बाद पुष्टि होने पर ही सहायता राशि दी जाएगी।
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CM नीतीश कुमार। - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री बोले- शराब रोकने के लिए हर तरीके का प्रयास कर रहे हैं
सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि 01 अप्रैल 2016 यानी शराबबंदी लागू होने के बाद से जिनकी मृत्यु जहरीली शराब पीने से हुई, उनके आश्रितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 4 लाख रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभी ही नहीं बल्कि एक अप्रैल 2016 से शराबबंदी लागू होने के बाद से उन सभी पीड़ित परिवारों को भी जिनके यहां जहरीली शराब पीने से किसी की मृत्यु हुई है, उन्हें भी ये मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने कहा कि वह शराब रोकने के लिए हर तरीके का प्रयास कर रहे हैं लेकिन फिर भी लोग पी रहे हैं और जहरीली शराब से लोग मर भी रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे हमें बहुत दुःख हुआ है कि कैसे कोई पी लेता है और मर भी जाता है। इतनी ज्यादा कोशिशों के बाद भी यह सब हो रहा है। उनको यह भी कहना होगा कि शराब नहीं पीनी चाहिए। हमसब लोगों को प्रेरित करेंगे कि शराब नहीं पीनी चाहिए। हमलोग शराबबंदी के पक्ष में हैं। इधर दो-तीन सालों से हम देख रहे हैं कि बार-बार समझाने के बावजूद लोग जहरीली शराब पीकर अपनी जान गंवा दे रहे हैं। 
 
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