पटना उच्च न्यायालय में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लोगों को अपने ठगी का शिकार बनाने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामला पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। आरोपी की पहचान सुभाष चन्द्र के रूप में की गई है।
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.इस संबंध में कोतवाली थानाध्यक्ष राजन कुमार ने बताया कि आरोपी सुभाष चन्द्र उच्च न्यायालय में निजी कंप्यूटर ऑपरेटर था। वह कंप्यूटर के द्वारा जाली कागजात बनाने में माहिर था। इसलिए उसने अपने शैतानी दिमाग से कम समय में ज्यादा रुपया कमाने के लिए फर्जी कागजात बनाने लगा। इसी दौरान उच्च न्यायालय में चपरासी की बहाली निकली, जिसमें उसने फर्जी नियुक्ति पत्र, फर्जी आईकार्ड, उससे संबंधित कागजात बनाकर अभ्यर्थियों को उपलब्ध करवाता था। इतना ही नहीं वह उससे संबंधित प्रॉपर फर्जी आईकार्ड भी बनाता था। कोतवाली थानाध्यक्ष राजन कुमार ने बताया कि सुभाष चन्द्र गैंग का मुख्य सरगना है। उसके साथ कुछ अन्य लोग भी थे जो इस गोरखधंधे में शामिल थे। सुभाषचंद्र इतना शातिर था कि दो लाख रुपए में फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर लोगों को बहाल करा देता था।
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इस मामले में कोतवाली थानाध्यक्ष राजन कुमार ने बताया कि सुभाषचंद्र के संबंध में गुप्त जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आयी और उसकी घेराबंदी करते हुए आरोपी सुभाषचंद्र को मसौढ़ी से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके पास से कई फर्जी डॉक्यूमेंट बरामद किए हैं।
थानाध्यक्ष राजन कुमार ने बताया कि सुभाष चंद्रा अपने नाम बदल-बदलकर लोगों से ठगी करता था। पुलिस ने छापेमारी करते हुए उसके घर से फर्जी डॉक्यूमेंट बरामद किए हैं। थानाध्यक्ष ने बताया कि तीन लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था, जिसमें एक सिंटू कुमार की मौत हो चुकी है। इस सरगना का दूसरा शातिर श्रवण कुमार उर्फ श्रवण कुमार फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।