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बिहार: सरकारी अस्पतालों में 792 ड्रेसर और 644 एक्स-रे टेक्निशियन की नियुक्ति, मंत्री निशांत ने क्या कहा?

Sat, 19 Sep 2026 04:29 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार के सरकारी अस्पतालों में कर्मियों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। आज कुल 1460 कर्मियों की नियुक्ति की गई है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने इन्हें बधाई दी और कुछ मैसेज भी दिया। आइये जानते हैं पूरी बात...
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स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तकनीकी कर्मियों की कमी दूर करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग (बीटीएससी) की अनुशंसा के आधार पर 792 ड्रेसर, 644 एक्स-रे टेक्निशियन और 24 फार्मासिस्टों की राज्य के अलग-अलग सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थापना की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नई पदस्थापना से मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों, जिला अस्पतालों, अनुमंडलीय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), रेफरल अस्पतालों समेत अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तकनीकी मानव संसाधन की कमी कम होगी।

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792 ड्रेसर में 135 महिलाएं
792 ड्रेसर के पद पर चयनित अभ्यर्थियों में 135 महिलाएं और 657 पुरुष शामिल हैं। वहीं, 644 एक्स-रे टेक्निशियन में 135 महिलाएं और 511 पुरुष हैं। इसके अलावा 24 फार्मासिस्टों की भी पदस्थापना की गई है। बताया जा रहा है कि इससे पहले 846 फार्मासिस्टों की पदस्थापना हो चुकी थी। नई पदस्थापना के बाद राज्य में अब तक कुल 870 फार्मासिस्टों की तैनाती पूरी हो गई है।

एक्स-रे और जांच सुविधाओं में सुधार की उम्मीद
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इन तकनीकी कर्मियों की तैनाती से अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यक्षमता बढ़ेगी। मरीजों को एक्स-रे और अन्य जांच सुविधाएं अधिक सुगम तरीके से उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही अस्पतालों में त्वरित सेवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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रैंडमाइजेशन से हुई पदस्थापना
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पदस्थापना प्रक्रिया को पारदर्शी और मेरिट आधारित रखने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडमाइजेशन किया गया। दिव्यांग अभ्यर्थियों को यथासंभव उनके गृह जिले में पदस्थापित करने का प्रयास किया गया है। वहीं, महिला और पुरुष अभ्यर्थियों को उनकी मेरिट के अनुरूप उनके गृह जिले के आसपास के जिलों में पदस्थापना देने का प्रयास किया गया है।

एक महीने के भीतर देना होगा योगदान
नवपदस्थापित ड्रेसर, एक्स-रे टेक्निशियन और फार्मासिस्टों को एक माह के भीतर संबंधित संस्थान में योगदान करना होगा। इसके लिए उन्हें अपने शैक्षणिक और अन्य आवश्यक मूल प्रमाण-पत्र साथ ले जाने होंगे। संबंधित संस्थान के अधीक्षक या अधीक्षक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी मूल अभिलेखों से प्रमाण-पत्रों का मिलान कर सत्यापन करेंगे। इसके बाद संबंधित संस्थानों से प्रमाण-पत्रों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया तीन माह के भीतर पूरी कर विभाग को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा जानिए?
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने नवपदस्थापित ड्रेसर, एक्स-रे टेक्निशियन और फार्मासिस्टों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में इन तकनीकी कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराकर आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी नवपदस्थापित कर्मी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

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