सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि एनपीए घटाने में अपेक्षित सुधार नहीं करने, माइक्रो एटीएम को चालू नहीं करने, आरबीआई और नाबार्ड के मानकों का पालन नहीं करने या ऋण वितरण में गड़बड़ी मिलने पर प्रबंध निदेशकों की जवाबदेही तय की जाएगी। नियमों के तहत कार्रवाई भी होगी। मंत्री ने भागलपुर और तिरहुत प्रमंडल के अधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में धान अधिप्राप्ति, सीएमआर आपूर्ति, फसल सहायता योजना, गोदाम निर्माण, पैक्स के डिजिटलीकरण, केसीसी ऋण, डीएमए/बैंक मित्र, जन औषधि केंद्र और जन वितरण प्रणाली की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैंक मित्र के जरिए हर माह 100 खाते खोलने का लक्ष्य
राम कृपाल यादव ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने के लिए बैंक मित्र योजना को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कैंप लगाकर खाते खोलने और माइक्रो एटीएम के इस्तेमाल को बढ़ाने को कहा। प्रत्येक डीएमए/बैंक मित्र के माध्यम से हर महीने कम से कम 100 खाते खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वीकृत माइक्रो एटीएम को भी तय समय में उपलब्ध कराकर चालू करने का निर्देश दिया गया।
धान खरीद में गड़बड़ी मिली तो अधिकारियों पर भी कार्रवाई
मंत्री ने पैक्स के जरिए धान खरीद में पारदर्शिता बनाए रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि खरीद में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित क्षेत्रीय पदाधिकारियों की भी जवाबदेही तय होगी। अधिकारियों की भूमिका की जांच के बाद नियमानुसार अनुशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
भागलपुर में 99.8%, तिरहुत में 99.64% धान खरीद
समीक्षा में बताया गया कि खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में भागलपुर और बांका जिलों में 1,55,881 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 1,55,723.80 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। यह 99.8 प्रतिशत है। तिरहुत प्रमंडल में 4,77,346 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 4,75,647.37 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई, जो 99.64 प्रतिशत है। शेष सीएमआर की आपूर्ति जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया।
गोदाम निर्माण में तेजी लाने को कहा
भागलपुर प्रमंडल में 2024-25 में स्वीकृत 25 गोदामों में 15 का निर्माण पूरा हो चुका है। तिरहुत प्रमंडल में 2023-24 में स्वीकृत 56 गोदामों में 41 पूरे हो गए हैं। मंत्री ने बाकी निर्माण कार्यों को भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
सीएससी का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर
सहकारी समितियों में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी की भी समीक्षा हुई। मंत्री ने इनके संचालन में तेजी लाने और लोगों को उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देने के लिए जागरूकता बढ़ाने को कहा। साथ ही सीएससी के जरिए लेन-देन और डिजिटल सहकारी सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ाने का निर्देश दिया। बैठक में वेजफेड, शहद एवं उपभोक्ता समितियों, पैक्स में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र, जन वितरण प्रणाली और प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों की भी समीक्षा की गई।