Bihar News: पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छाप किसी के हटाने से कम नहीं रही। नीतीश के करीबी रहे हरेंद्र बहादुर सिंह को सम्राट चौधरी सरकार ने राज्य नागरिक परिषद् के महासचिव की बड़ी जिम्मेदारी दी है। अजय कुमार सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया है।
बिहार सरकार ने सोमवार को कई अहम नियुक्तियों की घोषणा की। नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले हरेंद्र बहादुर सिंह को राज्य नागरिक परिषद के महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, उपेंद्र कुशवाहा के बेटे के लिए विधान परिषद की सीट छोड़ने वाले भाजपा नेता देवेश कुमार को राज्य योजना परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
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कुशवाहा के बेटे के लिए छोड़ी थी कुर्सी, अब देवेश को बड़ा पद
बिहार सरकार ने सोमवार को कई बड़ी घोषणाएं कीं। पिछले दिनों उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और राज्य सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश के लिए विधान परिषद की कुर्सी खाली करने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेता देवेश कुमार को बिहार राज्य योजना परिषद का उपाध्यक्ष घोषित किया गया।
स्वतंत्रता सेनानी पंडित यमुना कारजी के पौत्र देवेश छात्र जीवन से एबीवीपी से जुड़े। भाजपा में प्रदेश प्रवक्ता, उपाध्यक्ष, मुख्यालय प्रभारी और महामंत्री रहे। 2021 में विधान परिषद सदस्य बने और जुलाई 2026 में इस्तीफा देकर फिर चर्चा में आए।
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सिपाही से नागरिक परिषद के महासचिव तक हरेंद्र बहादुर सिंह का सफर
जपुर के पांवट गांव निवासी हरेंद्र बहादुर सिंह को बिहार राज्य नागरिक परिषद का महासचिव बनाए जाने पर क्षेत्र में खुशी है। बिहार पुलिस में सिपाही के रूप में करियर शुरू करने वाले हरेंद्र लंबे समय तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अंगरक्षक और सारथी रहे। निष्ठा और सेवाकाल के बाद मिली यह जिम्मेदारी उनके संघर्ष और उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।
सम्राट सरकार में दिखा नीतीश कुमार का प्रभाव
इसके साथ ही सम्राट चौधरी सरकार में नीतीश कुमार का प्रभाव भी दिखा, जब राज्य नागरिक परिषद के महासचिव के रूप में उनके करीबी हरेंद्र बहादुर सिंह के नाम की अधिसूचना सामने आई। परिषद के उपाध्यक्ष का पद सीवान के रहने वाले अजय कुमार सिंह को दिया गया है।