परीक्षा शुरू होने से पहले की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
जो अखबारों में छपा, वो जमीन पर कहीं नहीं दिखा
'अमर उजाला' की टीम ने जब परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद अभिभावकों और छात्रों से बात की, तो उनका दर्द और आक्रोश साफ छलक आया। परीक्षार्थी और अभिभावकों की एक नहीं कई कहानियां 'अमर उजाला' ने सुनी।
केस 1: बेटी को परीक्षा दिलाने आरा से आया, कोई सुविधा नहीं मिली
भोजपुर जिला से अपनी बेटी खुशी कुमारी को परीक्षा दिलाने पटना पहुंचे गोपाल जी ने प्रशासनिक दावों पर गहरा असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से अखबारों और टीवी पर देख रहे थे कि सरकार ने परीक्षार्थियों के लिए बहुत इंतजाम किए हैं। लेकिन यहां आने पर पता चला कि सब कुछ महज दिखावा था। हमें रास्ते से लेकर केंद्र तक कोई सरकारी मदद या सुविधा नहीं मिली।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar : नीट परीक्षा की तैयारी पूरी, पुलिस नहीं CRPF संभालेगी कमान; पेपर लीक रोकने के लिए बनी थ्री-लेयर सुरक्षा
बेकार पड़ी हुई बस स्टैंड से मिल रही राहत
- फोटो : अमर उजाला
परीक्षार्थी संग अभिभावक
- फोटो : अमर उजाला
कागजों में सिमट कर रह गईं घोषणाएं
परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद अन्य दर्जनों अभिभावकों ने भी प्रशासन के रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि सरकार और जिला प्रशासन की तरफ से जमीनी स्तर पर कोई भी ऐसी व्यवस्था नजर नहीं आई, जिसकी चर्चा पिछले कई दिनों से लगातार सरकारी विज्ञापनों और समाचारों में की जा रही थी। बहरहाल, भारी प्रशासनिक दावों के बीच आयोजित हुई इस महापरीक्षा ने एक बार फिर सरकारी तंत्र की तैयारियों और उनके क्रियान्वयन की पोल खोलकर रख दी है।
यह खबर भी पढ़ें-Yoga Day: सीएम सम्राट ने किया अभ्यास, कहा- स्कूलों में पढ़ाया जाएगा इसका पाठ्यक्रम; योग दिवस पर किया बड़ा एलान
पटना के डीएम कुंदन कुमार
- फोटो : अमर उजाला
क्या कहते हैं पटना के डीएम
इस संबंध में पटना के डीएम कुंदन कुमार ने 'अमर उजाला' को बताया कि अभी परीक्षा होने दें। आप जिस बात की चर्चा कर रहे हैं वह सारी व्यवस्थाएं की गई हैं। मैंने कई परीक्षा केन्द्रों पर यह पाया कि व्यवस्थाएं की गई हैं।