Bihar Election 2020: बिहार के पूर्णिया में रविवार की सुबह राजद के एससी-एसटी प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव रहे शक्ति मल्लिक की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस घटना के संबंध में मृतक की पत्नी के बयान के आधार पर राजद नेता तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव सहित छह लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। गौरतलब है कि शक्ति मल्लिक के परिजनों ने राजद के बड़े नेताओं पर हत्या का आरोप लगाया है।
पूर्णिया के एसपी विशाल शर्मा ने कहा, उनकी आय और बैंक खाते के स्रोत का विश्लेषण किया जा रहा है। उनके सेलफोन की जांच और उनके रिश्तेदारों से पूछताछ से पता चलता है कि उन्हें राजद से 11 सितंबर को निष्कासित कर दिया गया था और उन्होंने विभिन्न लोगों के खिलाफ आरोप लगाए थे।
एसपी ने कहा, जिसके खिलाफ साक्ष्य मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मृतक की पत्नी के बयान के आधार पर तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, अनिल साधु, कालो पासवान, सुनीता देवी और मनोज पासवान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
शक्ति मल्लिक की पत्नी ने आरोप लगाया कि राजद से निष्कासित होने के बाद उनके पति निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, जिस कारण उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह तीन बाइक सवार लोग शक्ति मल्लिक के घर में दाखिल हुए और सोते हुए ही उनके सिर में गोली मार दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके से एक देशी पिस्टल और एक कारतूस का खोल बरामद हुआ है।
घटना के बारे में मृतक शक्ति मल्लिक की मां मालती देवी ने कहा कि वह पहले राजद में प्रदेश सचिव था। पार्टी ने टिकट देने के नाम पर उनसे 50 लाख रुपये की मांग की थी इसके बाद उसे पार्टी से हटा दिया गया था। वह इस बार रानीगंज से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहता था इसी वजह से राजद नेताओं ने उसकी हत्या करवा दी।
वहीं, इस मामले में राजद के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि 'तेजस्वी और तेजप्रताप के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार और झूठे थे। एफआईआर राजनीति से प्रेरित है।' पूर्णिया में राजद के वरिष्ठ नेता कमल किशोर यादव ने कहा कि 'पुलिस मामले की जांच करेगी और सच्चाई सामने आएगी। राजद के नेता राजनीति में ऐसा गंदा खेल कभी नहीं खेलते हैं।'