बिहार की पूर्व मंत्री मंजू (फाइल फोटो)
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पटना उच्च न्यायालय ने मंगलवार को बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा को अवैध हथियार रखने से संबंधित मामले में जमानत दे दी, जो कि मुजफ्फरपुर आश्रय गृह सेक्स स्कैंडल मामले से जुड़ा एक अपराध है। जस्टिस दिनेश कुमार सिंह ने उनकी याचिका पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद वर्मा को जमानत दे दी।
मुजफ्फरपुर आश्रय गृह सेक्स स्कैंडल की जांच के तहत सीबीआई के छापे के दौरान उनके घर से कारतूस बरामद होने के मामले में पिछले साल 20 नवंबर से बेगूसराय जेल में रखा गया था। सीबीआई ने 18 अगस्त, 2018 को बेगूसराय जिले के अर्जुन टोला गांव में उनके घर से 50 कारतूसों की बरामदगी के लिए मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
वर्मा ने 8 अगस्त को सामाजिक कल्याण मंत्री के रूप में इस्तीफा दे दिया था, आरोप था कि उनके पति का ब्रजेश ठाकुर से संबंध है, जो मुजफ्फरपुर में आश्रय गृह चलाता था। मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज द्वारा अप्रैल, 2018 में बिहार में 110 आश्रय घरों की एक ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद आश्रय गृह में बच्चों का यौन शोषण सामने आया। ऑडिट का आदेश राज्य सरकार ने दिया था और इसने 31 मई, 2018 को ठाकुर सहित 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एक मेडिकल रिपोर्ट में 34 कैदियों के यौन शोषण की पुष्टि भी हुई थी।